नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। विदाई की ओर बढ़ रहा मानसून एक बार फिर बरसने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने बुधवार से जिले में रिमझिम वर्षा की संभावना जताई है। इस बीच मंगलवार को दोपहर कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा भी हुई। पिछले कुछ दिनों से वातावरण अनुकूल रहने से तापमान में कमी आई है और उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि पूर्व-मध्य और सीमावर्ती उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 24 सितंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा और मेघ गर्जन की गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
खरीफ फसलों के लिए राहत
फिलहाल खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त पानी मौजूद है। इन दिनों धान की फसल गर्भ अवस्था में है और कई जगह दाने भरने की स्थिति में भी पहुंच चुकी है। खेतों में हरियाली छाई हुई है और फसलें लहलहा रही हैं। हालांकि दानों को पकने के लिए अंतिम दिनों में पानी की और जरूरत पड़ेगी। ऐसे में भादो के अंतिम दिनों में होने वाली वर्षा फसलों के लिए लाभकारी साबित होगी।
सबसे अधिक वर्षा नांदगांव में
चालू मानसून सत्र में जिले में अब तक सबसे अधिक वर्षा राजनांदगांव तहसील में 1191.2 मिमी दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम वर्षा छुरिया तहसील में 681 मिमी दर्ज हुई। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार जिले की सातों तहसीलों में अब तक कुल 6197.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। इसका औसत 885.4 मिमी रहा।
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