रायपुर के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मिली कैलसिड सिरप की बोतल में मांस का टुकड़ा निकला। यह सिरप एक गर्भवती महिला को दी गई थी। महिला के परीजनों ने इसकी जानकारी बीएमओ को दी है। इस घटना से एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Publish Date: Sun, 07 Dec 2025 04:12:43 AM (IST)
Updated Date: Sun, 07 Dec 2025 06:44:28 AM (IST)

HighLights
- सिरप की बोतल से निकला मांस जैसा टुकड़ा
- पीएचसी ने गर्भवती को मिला था यह सिरप
- महिला के पति ने अधिकारियों की जानकारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राजधानी के देवपुरी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिए सिरप में मांस जैसा संदिग्ध टुकड़ा मिलने का मामला सामने आया है। कमल विहार सेक्टर-5 निवासी देविका साहू इसकी शिकायत दर्ज कराई गई है। इससे प्रसूता और उसके स्वजन दहशत में हैं।
देविका साहू आठ महीने की गर्भवती हैं और शुरुआत से ही देवपुरी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार ले रही थीं। 14 नवंबर को केंद्र की ओर से उन्हें दो बोतल कैल्शियम सिरप दिया गया था। शनिवार 06 दिसंबर को जब प्रसूता के पति कृष्णा साहू ने बोतल खोलकर देखा, तो अंदर उन्हें मांस जैसी वस्तु दिखाई दी। घबराए कृष्णा बोतल लेकर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और संबंधित कर्मचारी को इसकी जानकारी दी।
कृष्णा साहू ने इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत खंड चिकित्सा अधिकारी, देवपुरी को सौंपी है। शिकायत में उन्होंने उल्लेख किया है कि जांच के दौरान कर्मचारी ने भी बोतल में संदिग्ध वस्तु की मौजूदगी स्वीकार की। उन्होंने सिरप की फारेंसिक जांच करवाने, दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करने और दवा आपूर्ति प्रणाली की विस्तृत जांच की मांग की है।
परिवार का कहना है कि गर्भवती महिला को पहले टेबलेट दिया जाता था, लेकिन 14 नवंबर को उसे सिरप दिया गया। कृष्णा साहू ने अपनी शिकायत में सिरप की छायाप्रति और फोटो भी संलग्न किए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि यह दवा किसी अन्य मरीज तक पहुंची होगी, तो उससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकता है। घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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अधिकारियों तक पहुंचाया मामला
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि ऐसे गंभीर मामले दोबारा न हों। मामले की प्रतिलिपि उन्होंने कलेक्टर रायपुर, पुलिस अधीक्षक, राज्यपाल कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, और पुलिस मुख्यालय को भी भेजी है, ताकि उच्चस्तरीय जांच की जा सके।
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