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जिले के गुरूर ब्लॉक के ग्राम भेजामैदानी व डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम लमती में भाईदूज के दिन गोवर्धन पूजा कर ग्रामीण रस्म निभाकर दीपावली पर्व मनाएंगे। अमूमन अधिकांश गांवों में तय तिथि में गोवर्धन पूजा कर दिवाली मनाते है। लेकिन इन दोनों गांवों में बरसों से लागू परंपरा को ग्रामीण अब तक निभाते आ रहे हैं।
ग्राम भेजामैदानी में मंगलवार को लक्ष्मी पूजा और गुरुवार को गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) होगी। लक्ष्मी पूजा के बाद रात में देश में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने दीप प्रज्ज्वलित कर तिरंगा लहराएंगे। ग्राम पंचायत भेजामैदानी की पूर्व सरपंच रेणुका गजेंद्र ने बताया कि भाईदूज के दिन गोवर्धन पूजा कर बरसों से चली आ रही परंपरा को निभाते हैं। मेरी जानकारी में यह परंपरा निभाने की प्रथा 80 से 85 से चली आ रही है। दादा ससुर रामभरोसा ने जो परंपरा पहले बनाई थी, उसकी वजह से अब तक एक दिन बाद गोवर्धन पूजा की रस्म ग्रामीण निभाते आ रहें है। गांव की जनसंख्या लगभग दो हजार है। यहां की दिवाली हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। भेजामैदानी में सभी वर्ग व जाति के लोग निवास करते हैं।
मालगुजार ने जो परंपरा बनाई थी उसे िनभा रहे ब्रिटिशकाल में भेजामैदानी गांव धमतरी के मालगुजार के अधीन था। मालगुजार की जमींदारी धमतरी के एक गांव के साथ भेजामैदानी में भी था। पहले वह धमतरी के गांव में पंचांग के अनुसार दीपावली मनाते थे। जिसके बाद दूसरे दिन भेजामैदानी में त्योहार मनाने के लिए आते थे। मालगुजार ने जो परंपरा बनाई थी। उसका निर्वहन आज भी ग्रामीण करते आ रहे है। ग्राम भेजामैदानी के दीपावली व गोवर्धन पूजा में आसपास गांव के ग्रामीण भी शामिल होेते हैं।
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