केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों की सूची यानी लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) में फिर से बदलाव करने का मौका दिया है। इसके लिए करेक्शन विंडो 27 अक्टूबर तक ओपन कर दी गई है। रायपुर में इस समय 86 CBSE मान्यता प्राप्त स्कूल चल रहे हैं।
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बोर्ड ने इन स्कूलों में पढ़ने वाले सभी 10वीं-12वीं के स्टूडेंट्स, उनके पेरेंट्स और स्कूलों से अपील की है कि 2025-26 के लिए तैयार की गई LOC में दर्ज सभी जानकारियों की ध्यान से जांच करें। इन केस कोई गलती हो तो तय समय सीमा में सुधार कर लें।
बोर्ड ने ये स्पष्ट किया है कि 27 अक्टूबर के बाद सुधार का अगला अवसर नहीं दिया जाएगा। इससे पहले भी 27 अगस्त और 18 सितंबर 2025 को जारी नोटिस में बोर्ड ने सभी स्कूल के प्रिंसिपल को निर्देश दिया था कि वे विद्यार्थियों का डेटा सही-सही और पूरी जानकारी के साथ अपलोड करें।

CBSE ने अपने रिमाइंडर नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि 27 के बाद कोई करेक्शन नहीं होगा।
गलती से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
1. अपने बच्चे का पूरा विवरण जांचें
आप यह जरूर देखें कि आपके बच्चे का नाम, जन्मतिथि, माता का नाम और पिता का नाम LOC में सही तरीके से भरा गया है या नहीं।अगर इनमें कोई भी गलती है, तो उसे सुधारने के लिए तुरंत स्कूल से संपर्क करें।
2. पूरा नाम लिखा जाए, छोटा नहीं
सुनिश्चित करें कि नाम पूरा लिखा गया हो, जैसे – Ravi Kumar Sharma,न कि छोटा या संक्षिप्त रूप जैसे R. K. Sharma। भविष्य में कॉलेज, पासपोर्ट या किसी सरकारी दस्तावेज में पूरा नाम ही स्वीकार किया जाता है, इसलिए नाम संक्षिप्त न रखें।
3. उपनाम (Surname) अवश्य जोड़ें
अगर आपका बच्चा भविष्य में विदेश में पढ़ाई या नौकरी करने की योजना बना रहा है,तो यह जरूरी है कि उसके नाम में उपनाम (Surname) भी शामिल हो।कई देशों में बिना उपनाम वाले नाम मान्य नहीं होते।
4. जन्मतिथि पूरी तरह सही होनी चाहिए
आपकी संतान की Date of Birth (जन्मतिथि) सही दर्ज हो —दिन, महीना और साल तीनों की जांच करें।क्योंकि यही तिथि आगे बोर्ड सर्टिफिकेट, पासपोर्ट और अन्य सरकारी कागजात में दर्ज होती है।
5. पासपोर्ट की जानकारी से मिलान करें (यदि पासपोर्ट है)
अगर आपके बच्चे का पासपोर्ट बना हुआ है,तो यह जांचें कि एलओसी में भरी गई सारी जानकारी पासपोर्ट के विवरण से मेल खाती है —जैसे नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि और माता-पिता के नाम।
6. विषयों (Subjects) की जांच करें
कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों में एलओसी में जो विषय चुने गए हैं,उन्हें ध्यान से जांच लें।एक बार सुधार की अवधि खत्म हो जाने के बाद,किसी भी विषय में बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
7. अभिभावकों की जिम्मेदारी
अंत में, यह पूरी जिम्मेदारी अभिभावकों की है कि उनके बच्चे के एलओसी में भरे गए सभी विवरण —नाम, जन्मतिथि, विषय और अन्य जानकारी —पूरी तरह सही और सटीक हों।अगर बाद में कोई गलती मिलती है, तो उसकी जिम्मेदारी अभिभावकों पर ही होगी।
डेटा वेरिफिकेशन स्लिप से करें जानकारी की जांच
एलओसी जमा करने के बाद स्कूलों द्वारा छात्रों और अभिभावकों को एक डेटा वेरिफिकेशन स्लिप दी जाती है।इस स्लिप के जरिए नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और विषयों जैसी प्रमुख जानकारियों की जांच की जा सकती है।सीबीएसई ने कहा है कि यह सुधार विंडो छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों के लिए अंतिम अवसर है।
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