छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरूर थाना क्षेत्र के ग्राम भरदा में मवेशी तस्करी के संदेह में मवेशी व्यापारियों के साथ बेरहमी से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, घटना में शामिल बाकी आरोपियों की तलाश जारी
.
दरअसल, 6 दिसंबर की रात धमतरी जिले के ग्राम रांवा निवासी सतीश साहू अपने गांव के वेदप्रकाश साहू और बलराम साहू के साथ पिकअप में 6 मवेशी लेकर करहीभदर मवेशी बाजार जा रहे थे। रात करीब 11.15 बजे ग्राम भरदा के पास पेंवरो जाने वाले मोड़ पर कुछ अज्ञात लोगों ने वाहन रुकवाया और मवेशी तस्करी का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
इसके बाद पीड़ितों के साथ बेल्ट, डंडे और हाथ में पहने चूड़ों से मारपीट की गई। आरोप है कि सुद्धिकरण के नाम पर पीड़ितों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उन पर पेशाब भी किया गया।

गिरफ्तार आरोपी।
इतना मारा की एक व्यक्ति का पैर टूट गया
घटना में बलराम साहू के दाहिने पैर में फ्रैक्चर पाया गया है, जबकि अन्य पीड़ितों के शरीर पर गहरी चोटों के निशान मिले हैं। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद गुरूर पुलिस ने प्रकरण में बीएनएस की धारा 117(2), 126(2), 296, 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।
वायरल वीडियो और सीसीटीवी से पहचान
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। एसपी योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए गुरूर पुलिस ने धरम सारथी (24), दुष्यंत शिल्पी (22) और खोमेंद्र उर्फ दद्दू सोरी (25) को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी गुरूर के निवासी हैं।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया है। जिसके बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा भी जब्त किया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
गुरूर टीआई सुनील तिर्की ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में भेजा गया है, जबकि घटना में शामिल अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
मारपीट करने में 20–30 लड़के शामिल थे
घटना के बाद साहू समाज के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रघुनंदन साहू पीड़ितों के समर्थन में गुरूर थाना पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 20–30 लोगों ने मिलकर रास्ते में रोककर मारपीट की और पिटाई के बाद जबरन पेशाब पिलाया गया।
जो बेहद शर्मनाक और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। रघुनंदन साहू ने पुलिस जांच और कार्रवाई को धीमी बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल, सख्त और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है।
<
