छत्तीसगढ़ के बालोद शहर के नेशनल हाईवे-930 पर रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात एक बार फिर मवेशियों के झुंड के कारण सड़क हादसा हुआ। दुर्ग की ओर से दल्लीराजहरा जा रही होंडा कंपनी की तेज रफ्तार कार बालोद थाना के आगे मोड़ पर सड़क के बीच बैठे मवेशी को ठोकर मा
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हादसे में कार चालक को हल्की चोटें आई हैं जबकि मवेशी की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद ड्राइवर ने अपने परिजनों को फोन कर बुलाया और मौके से चला गया।
बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि टक्कर से मवेशी की मौत हुई है। चालक को कितनी चोटें आई है यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है। रात की घटना है। कार मालिक और उनसे संबंधित कोई भी व्यक्ति अभी थाने नहीं पहुंचा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एक माह पहले भी इसी हाईवे पर पलटी थी स्कॉर्पियो, बुजुर्ग महिला की हुई थी मौत
12 सितंबर की रात इसी मार्ग के आमापारा नेशनल हाइवे पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो मवेशी को बचाने के दौरान पलट गई थी। उस हादसे में ग्राम अरौद (लाटाबोड़) निवासी 74 वर्षीय माना बाई ताराम की मौके पर ही मौत हो गई थी। माना बाई अपने परिवार के साथ दल्लीराजहरा से लौट रही थीं।
कलेक्टर के निर्देश पर तैनात हैं कर्मचारी, फिर भी सड़कों से नहीं हट रहे मवेशी
पिछले हादसे के बाद कलेक्टर के निर्देश पर नगर पालिका ने 8 कर्मचारियों की टीम तैनात की है। जो सुबह से शाम तक सड़कों से मवेशियों को हटाने का काम करती है। कर्मचारी साइकिल और पैदल डंडे लेकर मवेशियों को भगाते हैं, लेकिन मवेशी एक जगह से हटकर दूसरी ओर जाकर बैठ जाते हैं।
स्थिति यह है कि मवेशियों को भगाने के कुछ देर बाद ही वे फिर से सड़क पर लौट आते हैं। जिससे न केवल कर्मचारियों को दिक्कत हो रही है, बल्कि आम राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।
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