नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर, ग्रीन वाटर खदान, काठाडीह और भाठागांव एनीकट अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। हर साल यहां डूबने से लोगों की मौत हो रही है। ज्यादातर मृतक 15 से 20 वर्ष के किशोर-किशोरियां हैं, जो दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आते हैं। खदान या एनीकट
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इन जगहों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। चारों स्थान अब पार्टी और पिकनिक की जगह बन चुके हैं। कहीं भी रेलिंग या स्टॉपर नहीं लगे हैं। आने-जाने वालों को रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। हादसे के बाद भी युवक-युवतियां ब्लू वाटर खदान में घूमने और फोटो खिंचवाने पहुंचे। काठाडीह एनीकट के दोनों छोरों पर खुलेआम शराबखोरी हो रही थी।
सिर्फ नाम की पेट्रोलिंग किसी भी जगह रेलिंग, बाउंड्रीवाल या बार्बेड वायर नहीं है। सीसीटीवी कैमरे या सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती नहीं की गई है। पुलिस केवल दिन में दो से तीन बार ही पेट्रोलिंग कर पाती है, क्योंकि फोर्स की कमी है। यही लापरवाही नाबालिगों की जान पर भारी पड़ रही है।
काठाडीह में रविवार को खारुन एनीकट पर पिकनिक की आड़ में खुलेआम शराब पीती युवकों की टोली

बोर्ड लगाकर जिम्मेदारी से मुक्त ब्लू वाटर खदान में हर साल हादसे के बाद ग्राम पंचायत केवल एक बोर्ड लगा देती है, जिसमें गहराई और सावधानी का उल्लेख रहता है। लेकिन उस पर किसी का ध्यान नहीं जाता। प्रशासन और पंचायत दोनों ही बोर्ड लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं।
लगाए जा रहे चेतावनी बोर्ड ^ एनीकट और खदान, जहां भी हादसे हो रहे हैं, वहां थाना टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। लोगों को वहां से हटाया जाता है। कई जगह चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। डॉ. लाल उमेद सिंह, एसएसपी रायपुर
ब्लू वाटर खदान में 36 घंटे बाद मिला दूसरे छात्र का शव, गहराई में फंसा था
नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में पिकनिक के दौरान डूबे दूसरे छात्र मृदुल वजरिया का शव 36 घंटे बाद रविवार सुबह मिला। शव खदान की गहराई में फंस गया था। गोताखोरों ने खदान के भीतर बांस डालकर तलाश की, तब शव ऊपर आया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृदुल का अंतिम संस्कार राजिम में किया जाएगा। इससे पहले डूबे छात्र जयेश साहू का शव शनिवार को मिला था और उसका अंतिम संस्कार हो चुका है।
पुलिस के अनुसार राजिम निवासी मृदुल वजरिया (15) और कबीर नगर निवासी जयेश साहू (15) अपने नौ साथियों के साथ शुक्रवार सुबह पिकनिक मनाने गए थे। नहाने के दौरान दोनों खदान में डूब गए। शनिवार को जयेश का शव मिल गया था, जबकि मृदुल का शव रविवार सुबह बरामद हुआ। दोनों टाटीबंध स्थित स्कूल में कक्षा 10वीं के छात्र थे। मृदुल क्रिकेट का बेहतरीन खिलाड़ी था और पढ़ाई में भी अव्वल था। वह स्कॉलरशिप पर रायपुर में पढ़ाई कर रहा था।
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