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निकाय चुनाव से पहले बीरगांव मतदाता सूची में ‘लिंग बदल’ त्रुटि, कांग्रेस ने जताई चिंता

रायपुर के बीरगांव नगर निगम में आगामी निकाय-चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची में दर्ज जानकारियों को लेकर एक बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। इस सूची में वर्तमान कांग्रेस महापौर नंदलाल देवांगन का जेंडर ‘महिला’ के रूप में दर्ज किया गया है, जो कि एक गंभीर त्रुटि है। इसी प्रकार, पूर्व महापौर अंबिका यदु को ‘पुरुष’ बताया गया है, जबकि मेयर इन काउंसिल के सदस्य इकराम अहमद को भी मतदाता सूची में ‘महिला’ के तौर पर दर्शाया गया है। ये त्रुटियां स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संबंधित होने के कारण विशेष रूप से चिंताजनक हैं।

मतदाता सूची में प्रत्येक मतदाता का नाम, उसकी तस्वीर, लिंग और अन्य सभी आवश्यक जानकारियों का सही और सटीक होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन जानकारियों की शुद्धता ही किसी भी मतदाता की वैध पहचान सुनिश्चित करती है और उसे अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अधिकार प्रदान करती है। ऐसे में, जब स्वयं जनप्रतिनिधियों के रिकॉर्ड में इस तरह की मूलभूत गलतियां सामने आई हैं, तो यह मतदाता सूची के सत्यापन और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस पार्टी ने इन त्रुटियों को जल्द से जल्द सुधारने की मांग की है।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का यह मामला केवल लिंग संबंधी त्रुटियों तक ही सीमित नहीं है। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम और तस्वीरों के मिलान में भी त्रुटियां होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन विशिष्ट मामलों की संख्या और उनकी प्रकृति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। यदि मतदाता सूची में नाम, फोटो या अन्य कोई भी आवश्यक विवरण गलत दर्ज होता है, तो मतदाताओं को अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चुनाव से पहले ऐसी सभी त्रुटियों की गहन जांच कर उन्हें ठीक करना अत्यंत आवश्यक है।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारियों की बारीकी से जांच करना और आवश्यक सुधार करना होता है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाताओं की जानकारी जुटाने और उसका व्यवस्थित सत्यापन करने की एक विस्तृत व्यवस्था अपनाई जाती है। अब यह सवाल उठ रहा है कि इतनी गहन प्रक्रिया के बावजूद ये गलतियां किस स्तर पर हुईं? क्या डिजिटल पोर्टल पर जानकारी दर्ज होने के बाद उसकी दोबारा जांच की गई थी? और इन गंभीर त्रुटियों को सुधारने के लिए निर्वाचन अधिकारी क्या ठोस कदम उठाएंगे? इन महत्वपूर्ण सवालों पर निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।

आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची में दर्ज नाम, फोटो, लिंग और अन्य सभी विवरणों की शुद्धता और विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण है। बीरगांव में सामने आई इन गंभीर गड़बड़ियों के बाद सूची की तत्काल और व्यापक जांच तथा सभी गलतियों में सुधार की आवश्यकता है, ताकि किसी भी मतदाता को गलत जानकारी के कारण अपने मताधिकार का प्रयोग करने में या अपनी पहचान स्थापित करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए भी अनिवार्य है।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें कांग्रेस ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से काटे जा रहे हैं, जो कि एक गंभीर आरोप है। इसके अतिरिक्त, यह भी आरोप लगाया गया है कि मतदान केंद्रों को बस्तियों से काफी दूर स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे आम जनता को मतदान करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा और मतदान प्रतिशत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इस पूरे मामले में निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र, दैनिक भास्कर ने इस संबंध में निर्वाचन आयोग के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका। ऐसे में, इन गंभीर त्रुटियों पर निर्वाचन आयोग का रुख और आगामी कार्रवाई का इंतजार है।

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