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बेमेतरा| रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवकों ने विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने अग्निास्त्र जैव कीटनाशक का निर्माण किया। कार्यक्रम का उद्देश्य मिट्टी की सेहत
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स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती की तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए अग्निास्त्र, तैयार किया। जिसमें नीम, लहसुन, गोमूत्र और मिर्च जैसे प्राकृतिक घटकों का उपयोग किया गया। यह जैविक कीटनाशक फसलों को कीटों और रोगों से सुरक्षित रखने के साथ-साथ मिट्टी की जैविक सक्रियता बढ़ाने में भी सहायक है। इसके साथ ही जीवामृत, बीजामृत और ब्रह्मास्त्र जैसे स्वदेशी जैविक घोलों के उपयोग के महत्व पर भी जानकारी दी गई। प्राकृतिक और जैविक विधियों से खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, कम लागत वाली खेती और सुरक्षित खाद्य उत्पादन को भी बढ़ावा देती है।
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