बिलासपुर5 घंटे पहले
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बिलासपुर में पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश बंसल के गुरुवार को नेहरू चौक-दर्रीघाट फोरलेन रोड के निरीक्षण के बाद सड़क की चौड़ाई को लेकर सवाल उठ गए हैं। आरोप है कि सड़क का निर्माण मास्टर प्लान के अनुसार नहीं हो रहा है।
सचिव मुकेश बंसल ने इस संबंध में कहा कि सड़क अभी निर्माणाधीन है। पेड़ों और अतिक्रमण को हटाने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गलत बिलिंग नहीं की जाएगी।
बंसल ने चेतावनी दी कि बिलिंग में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर और पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि मौके पर एक साफ-सुथरी और बेहतर सड़क दिखाई दे।



मास्टर प्लान के अनुसार, सड़क की चौड़ाई अलग-अलग हिस्सों में भिन्न होनी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में अंतर पाया गया है:
– नेहरू चौक, गोल बाजार से प्रधान साउंड तक प्रस्तावित चौड़ाई 18 मीटर है।
– प्रधान साउंड सर्विस से नागोराव शेष स्कूल तक प्रस्तावित 18 मीटर की जगह वर्तमान में 12 मीटर है।
– शेष स्कूल से गांधी चौक तक प्रस्तावित चौड़ाई 18 मीटर वर्तमान में भी है।
– गांधी चौक से गुरुनानक चौक तक प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ाई वर्तमान में भी है।
– गुरुनानक चौक से जाजोदिया टाइल्स तक प्रस्तावित 40 मीटर की जगह 24 मीटर है।
– जाजोदिया टाइल्स चौक से निवेश क्षेत्र सीमा (दर्रीघाट) तक प्रस्तावित 60 मीटर की जगह वर्तमान में 24 मीटर पाई गई है।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के संयुक्त संचालक भानुप्रताप सिंह पटेल ने बताया कि बिलासपुर का मास्टर प्लान 2031 तक की जनसंख्या और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने और कई बाईपास रोड का प्रस्ताव शामिल है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क की चौड़ाई मास्टर प्लान के अनुसार नहीं होगी, तो भविष्य में ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा।

पीडब्ल्यू़डी सचिव मुकेश बंसल ने कहा, रोड अंडर कंस्ट्रक्शन है। कुछ स्थानों पर मंदिर और पेड़ भी चौड़ीकरण के दायरे में हैं। सड़क की चौड़ाई बराबर ही होगी। सड़क बनने के बाद जांच की जाएगी और चौड़ाई में असमानता मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
जितनी चौड़ाई उपलब्ध उतनी बना रहे: सीई
पीडब्ल्यू़डी के चीफ इंजीनियर आरके रात्रे ने कहा कि रोड की ड्राइंग, डिजाइन उनके आने के पूर्व तैयार की जा चुकी थी। वर्तमान में जहां जितनी चौड़ाई मिल रही है, वहां उतना निर्माण कराया जा रहा है, यानी शहर के अंदर सिंगल तथा बाहर फोरलेन रोड का निर्माण जगह के हिसाब से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि निर्माण के पूर्व अतिक्रमण हटाया गया है, लेकिन जिनकी जमीनें आ रही हैं, उनका अधिग्रहण नहीं किया गया। रिकार्ड में उपलब्ध जमीन के मुताबिक रो़ड बनाई जा रही है।

काम में तेजी लाने की हिदायत
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने गुरुवार को बिलासपुर में 32 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन नेहरू चौक से दर्रीघाट फोरलेन रोड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अफसर और ठेकेदार को कार्य में तेजी लाते हुए समय सीमा में पूर्ण कराने कहा।
आला अफसरों की क्लास ली, टाइम लाइन पर जोर
सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग करें तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं।

टेंडर स्वीकृति के 30 दिनों में काम चालू कराएं
सचिव ने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम शुरू कराने कहा।
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे।
इन कार्यों की समीक्षा की
सचिव बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में उन्होंने कई चल रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की, जिनमें कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, हाईकोर्ट में ऑडिटोरियम, नया जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन मामलों के लिए बनने वाला विश्राम भवन शामिल हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली और उनके काम की प्रगति पर चर्चा की।

क्या बगैर सर्वे प्लानिंग की गई..
नेहरू चौक से दर्रीघाट तक 10 किलोमीटर लंबी फोरलेन रोड के डामरीकरण और चौड़ीकरण का कार्य शहर के मास्टर प्लान के मुताबिक बिल्कुल भी नहीं हो रहा। पीडब्ल्यू़डी के अफसरों ने सड़क निर्माण से पहले न अतिक्रमण का सर्वे किया और न ही चौड़ाई का सही निर्धारण किया, नतीजतन पूरी सड़क चौड़ाई में कुछ स्थानों को छोड़कर कहीं कहीं बेहद कम है।
इन स्थानों पर चौड़ाई घटाई
गांधी चौक से दयालबंद की ओर ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने सड़क के बाईं तरफ की चौड़ाई कम कर दी है। जबकि नियम के अनुसार डिवाइडर के दोनों तरफ सड़क की चौड़ाई बराबर होनी चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया है।
मास्टर प्लान के अनुसार नेहरू चौक से देवकीनंदन चौक तक सड़क 80 फीट, देवकीनंदन चौक से जवाली पुल तक 60 फीट, जवाली पुल से गांधी चौक तक 80 फीट, गांधी चौक से गुरुनानक चौक तक 120 फीट और गुरुनानक चौक से दर्रीघाट तक 200 फीट चौड़ी होनी थी।
लेकिन मौके पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट है और सड़क की चौड़ाई तय योजना के अनुसार नहीं बनाई गई है।
जानिए मौके पर कहां कितनी चौड़ाई मिली
– शीतला मंदिर के आगे बांई ओर सड़क 20 फीट और दाईं ओर 24 फीट मिली। – गुरुद्वारा के पास बांई ओर 20 फीट और दाईं ओर 25 फीट चौड़ाई मिली। – छाबड़ा टाइल्स के पास बांई ओर 14 फीट और दाईं ओर 26 फीट चौड़ाई मिली। – पेंडलवार नर्सिंग होम के पास दोनों ओर करीब 22-22 फीट चौड़ाई मिली – नेहरू चौक से देवकीनंदन चौक : 80 फीट – देवकीनंदन चौक से जवाली पुल : 60 फीट – जवाली पुल से गांधी चौक : 80 फीट – गांधी चौक से गुरुनानक चौक : 120 फीट – गुरुनानक चौक से दर्रीघाट : 200 फीट

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