बीएसपी वर्कर्स यूनियन की मांग: ठेका श्रमिकों की छंटनी रोकें और मैनपावर कमी से होने वाले हादसों पर लगाम लगाएं
भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में ठेका श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। यूनियन ने आरोप लगाया कि संयंत्र में ठेका श्रमिकों की छंटनी की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका और सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
सांसद विजय बघेल के निर्देश पर यूनियन के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक स्वास्थ्य उपनिदेशक से मुलाकात की और उन्हें ठेका श्रमिकों की समस्याओं से अवगत कराया। यूनियन ने कहा कि छंटनी से श्रमिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
यूनियन की मुख्य मांगों में ठेका श्रमिकों की छंटनी तुरंत रोकने, सरकारी और ईएसआइ अस्पतालों में कराए गए मेडिकल परीक्षणों को मान्यता देने तथा संयंत्र में मैनपावर की कमी से होने वाले हादसों पर रोक लगाने की मांग शामिल है। यूनियन ने कहा कि मैनपावर की कमी के कारण श्रमिकों को अतिरिक्त दबाव में काम करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
यूनियन ने औद्योगिक स्वास्थ्य उपनिदेशक से मांग की कि ठेका श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए तथा सरकारी और ईएसआइ अस्पतालों की रिपोर्ट को मान्य किया जाए, ताकि श्रमिकों को निजी अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठेका श्रमिकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने प्रबंधन से श्रमिकों के हित में ठोस कदम उठाने की अपील की है।
इस मुलाकात के दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने ठेका श्रमिकों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की और उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे। औद्योगिक स्वास्थ्य उपनिदेशक ने यूनियन की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।



