मध्यप्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने के बाद दर्जनों छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। उनकी मौत वैसे कफ सिरप से हुई है जिनमें डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड मिक्स मॉलिक्यूल शामिल था। इस तरह के कफ सिरप को छोटे बच्चों (5 साल तक) को देने पर प्रतिबंध
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बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल संचालकों को डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड मिक्स मॉलिक्यूल और क्लोरफेनिरामाइन मेलिएट (2 मिलीग्राम) व फिनाइलफ्राइन एचसीएल (5 मिलीग्राम) मिक्स वाले सिरप न बेचने के आदेश दिए हैं। साथ ही ऐसी सिरप की खोज में ड्रग विभाग ने कई जगह छापे भी मारे हैं। छापेमारी के बाद मेडिकल संचालक तो ऐसे सिरप बेचने से बच रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन फार्मेसी साइट्स पर यह कफ सिरप धड़ल्ले से बिक रहा है।
भास्कर ने इसकी पड़ताल करने के लिए अलग-अलग साइट्स पर कफ सिरप सर्च किया तो विभिन्न प्रकार की कफ सिरप सामने आई। इनमें डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड मिक्स मॉलिक्यूल और क्लोरफेनिरामाइन मेलिएट (2 मिलीग्राम) और फिनाइलफ्राइन एचसीएल (5 मिलीग्राम) मिक्स फार्मूले वाला सिरप ज्यादा था।
भास्कर ने ऐसे 6 सिरप ऑर्डर किए तो सभी ऑर्डर को स्वीकार कर लिया गया। इनमें नोबलॉक एएफ, नाम कोल्ड जेड, एल्कोरिड-पी सस्पेंशन, सॉस्विन कोल्ड, ऐरोडिल डीएक्स और पीरिटेक्साइल प्लस कफ सिरप शामिल हैं।
सिर्फ औपचारिकता के लिए किया जा रहा कॉल इतना ही नहीं, एप्लीकेशन में ऑर्डर करने के बाद एप्स की ओर से उनके फार्मासिस्ट का एक औपचारिक कॉल भी आया। उन्होंने हमसे कुछ जानकारी ली। मरीज की उम्र 2 साल बताने के बाद भी उसने सिर्फ ऑर्डर रिपीट किया। फिर सिरप के ऑर्डर को स्वीकार करने का एक मैसेज हमारे मोबाइल में आ गया। यानि 2 साल के बच्चे के लिए भी ऑनलाइन स्टोर वाले बिना डॉक्टरी सलाह, बिना प्रिस्क्रिप्शन के कफ सिरप धड़ल्ले से बेच रहे हैं।
केंद्र सरकार ने 2023 में किया था बैन केंद्र सरकार ने 18 दिसंबर 2023 को आदेश जारी किया था कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों को क्लोरफेनिरामाइन मेलिएट (2 मिलीग्राम) और फिनाइलफ्राइन एचसीएल (5 मिलीग्राम) वाला कफ सिरप नहीं दिया जाएगा। क्योंकि इन दवाओं का ‘लाभ से अधिक नुकसान’ है। साथ ही निर्देश दिया गया था कि इस फॉर्मूले वाले सिरप पर स्पष्ट चेतावनी लिखी जाए, लेकिन आदेश कागजों तक ही सीमित रह गया। बैन किया हुआ फॉर्मूला आज भी खुलेआम बिक रहा है।
ऑनलाइन के लिए अभियान चलाएंगे कफ सिरप के लिए प्रदेशभर में जांच अभियान चलाया जा रहा है। मेडिकल स्टोर्स पर तो प्रतिबंधित कफ सिरप नहीं मिली है। ऑनलाइन साइट्स में वह सिरप कहां से आती है, इसे देखना होगा। इसे भी दिखवाते हैं। बेनी राम साहू, ड्रग अधिकारी।

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