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आज के दौर में जहां इंटरनेट को धोखाधड़ी और साइबर अपराध का जरिया माना जाता है, वहीं बलरामपुर के एक किसान ने इसी इंटरनेट को अपना हथियार बनाकर मिसाल कायम की है। मोबाइल और इंटरनेट की मदद से उन्नत टमाटर की खेती कर उन्होंने लाखों रुपए की कमाई की है।
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यह कहानी बलरामपुर जिले के मुरका गांव के तलैया पारा निवासी किसान रामबकस की है। जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर अपने खेतों में कड़ी मेहनत कर उन्होंने वह कर दिखाया है, जो आज कई किसान केवल सोचते हैं।
मोबाइल और यूट्यूब से सीखने की शुरुआत
रामबकस ने मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल कर खेती की नई तकनीकों, बीजों की उन्नत किस्मों और खादों की जानकारी हासिल की। उन्होंने टमाटर की खेती को चुना और यही उनकी पहचान बन गई। उनकी फसल हर तीसरे दिन तैयार हो जाती है।
जिससे एक बार में 60 से 70 ट्रे टमाटर की पैदावार होती है। एक ट्रे में लगभग 28 किलो टमाटर होते हैं। शुरुआत में मंडियों तक सीधा संपर्क न होने के कारण उन्हें बिचौलियों के माध्यम से फसल बेचनी पड़ी, जिससे हर ट्रिप में एक से दो हजार रुपए तक का नुकसान हुआ।
हर सीजन 2–5 लाख की कमाई
हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी उपज को दूसरे राज्यों तक भेजकर हर सीजन में 2 से 5 लाख रुपए की कमाई की। गांव के लोग अब उन्हें ‘डिजिटल किसान’ कहकर बुलाने लगे हैं। रामबकस ने न सिर्फ खुद आगे बढ़ने का फैसला किया, बल्कि गांव के अन्य किसानों को भी उन्नत पौधे और खाद उपलब्ध कराकर उन्हें प्रेरित किया।
गांव के किसानों को प्रशिक्षण
रामबकस बताते हैं कि वो पहले मोबाइल का उपयोग केवल बात करने के लिए करते थे। फिर जब यूट्यूब पर खेती के वीडियो देखे। धीरे-धीरे टमाटर की नई किस्में लगाई। अब हर सीजन में लाखों रुपए कमा रहे हैं। वो गांव के अन्य किसानों को भी सिखाते हैं।
रामबकस जैसे किसान यह साबित कर रहे हैं कि सही दिशा और तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, तो खेती भी किसी स्टार्टअप से कम नहीं है। बलरामपुर से यह रिपोर्ट बताती है कि इंटरनेट सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि अवसर भी देता है।
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