पीएचडी उपाधिधारकों और प्रतिभावान विद्यार्थियों को मिला मैडल।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के छठवां दीक्षांत समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश की दूसरी एजुकेशन संस्थाओं की तरह इस विश्वविद्यालय में भी हमारी बेटियां आगे हैं। 52 बेटियों न
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अपने दीक्षांत भाषण में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि यह विद्यार्थियों, शिक्षक और अभिभावकों के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हमारा देश तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीखने का कोई अंत नहीं होता। विद्या धनम सर्व धनम प्रधानम, अर्थात विद्या धन सभी धन से प्रमुख है, जो कभी खत्म नहीं होती।

अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
छोटी-छोटी तकलीफों से परेशान न हों विद्यार्थी पूर्व राष्ट्रपति ने अपने जीवन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अपनी छोटी-छोटी तकलीफों से परेशान नहीं होना चाहिए। एक छोटे से गांव से निकलकर मैं 6 किलोमीटर नंगे पांव स्कूल जाता था। तब आर्थिक तंगी भी थी। लेकिन, अपने जीवन में कभी निराश नहीं हुआ।

मैरिट आने वाले विद्यार्थियों को मिला गोल्ड मैडल।
सफलता में विनम्रता हो, अहंकार नहीं उन्होंने कहा कि सफलता में हमेशा विनम्रता होनी चाहिए। सफल व्यक्ति में कभी अहंकार नहीं होना चाहिए। अहंकार से अंधकार और नाश होता है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिकता में अपनी संस्कृति को नहीं भूलना है। जीवन में हमेशा मदद की भावना होनी चाहिए। गरीब और पिछड़े लोगों की हमेशा मदद करनी चाहिए।

एयरपोर्ट में पूर्व राष्ट्रपति का एसएसपी रजनेश सिंह ने किया स्वागत।
सीएम साय ने कहा- ज्ञान-परिश्रम की सफलता का छण है दीक्षा समारोह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह समारोह विद्यार्थियों के सफलता का दिन है। जिन्होंने अपनी ज्ञान और परिश्रम से इस खुशी के क्षण को पाया है। हर विद्यार्थियों को इस दिन का इंतजार रहता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में कौशल विकास के साथ शोध और नवाचार विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का मौका देगा। समारोह को डिप्टी सीएम अरूण साव और उच्च शिक्षामंत्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया।

यूनिवर्सिटी के 36950 विद्यार्थियों को डिग्री देने की घोषणा की गई।
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती- राज्यपाल रामेन डेका अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विवि केवल शिक्षा देने का संस्थान नहीं है, विद्यार्थियों का संपूर्ण विकास विकास होता है। उन्होंने कहा कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। मेहनत और परिश्रम से ही सफलता मिलती है। छात्र जीवन में डिग्री हासिल करने के बाद अपनी जीवन की दिशा तय करते हैं। वर्तमान समय में कोई भी प्रतिभावान स्टूडेंट्स कहीं भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकता है। सफलता भी हासिल कर सकते हैं। जीवन में कई कठिनाइयां आती है। लेकिन, इससे घबराना नहीं चाहिए।
36950 विद्यार्थियों को डिग्री देने की घोषणा दीक्षांत समारोह में यूनिवर्सिटी के स्थापना के बाद पहली बार इतने ज्यादा शोधार्थियों को उपाधि दी गई। समारोह में 63 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। जबकि, 92 गोल्ड मैडल दिए गए, जिसमें 49 छात्राएं और 14 छात्र शामिल हैं। इसमें 29 दानदाताओं के मैडल हैं। वहीं 36 हजार 950 छात्रों के डिग्री देने की घोषणा की गई।
रायपुर के लिए रवाना हुए पूर्व राष्ट्रपति समारोह के बाद पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी परिसर स्थित हेलीपेड से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हेलीकॉप्टर द्वारा बलौदाबाजार के सोहेला के लिए रवाना हुए। उनके साथ उप मुख्यमंत्री अरुण साव और उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा भी साथ में गए। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद, राज्यपाल रामेन डेका चकरभाटा एयरपोर्ट से रायपुर के लिए रवाना हुए। इससे पहले विमानतल पर बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, कुलपति एडीएन बाजपेई, संभागआयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसपी रजनेश सिंह ने उनका स्वागत किया।
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