कांग्रेस में दुर्ग-भिलाई के नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया अब आखिरी दौर में है। दुर्ग ग्रामीण से राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर से धीरज और भिलाई शहर से मुकेश चंद्राकर सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि इस बार कार्यकर्ताओं में अध्यक्ष पद
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लगभग 100 लोगों ने आवेदन जरूर दिए हैं, लेकिन सबको अंदाजा है कि फैसला सीमित नामों के बीच ही होना है। ऑब्जर्वर ने कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन चर्चा कर अपनी रिपोर्ट आलाकमान को भेज दी है, अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है।

37 कांग्रेसियों ने भिलाई जिला अध्यक्ष बनने के लिए फॉर्म लिया था।
जिला अध्यक्ष बनने की

रेस में कौन-कौन? 3-3 नामों पर चर्चा
दुर्ग शहर कांग्रेस
1. दो प्रमुख नामों की चर्चा
दुर्ग शहर में आर.एन. वर्मा और धीरज बाकलीवाल सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। दोनों ही नेताओं की कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ है और संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कार्यकर्ताओं में भी इन दोनों के नामों को लेकर कोई विरोधाभास नहीं है।
2. पांच से ज्यादा नाम
शहर इकाई में 5 से अधिक नाम सामने आए हैं, लेकिन दुर्ग शहर में आर.एन. वर्मा की दावेदारी सबसे मजबूत है। वहीं, धीरज बाकलीवाल भी अपनी सक्रियता और संगठनात्मक पकड़ के दम पर रेस में टिके हुए हैं।
वहीं इन दो नामों के अलावा अन्य सक्रिय नेता भी अपनी-अपनी सिफारिश लेकर बड़े नेताओं के पास पहुंच रहे हैं। इसमें सामान्य वर्ग में मुस्लिम समाज से जिलाध्यक्ष को लेकर भी समीकरण बनाने की चर्चा है।
3. एज फैक्टर से बदल सकता है समीकरण
बिलासपुर प्रवास के दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि 50 वर्ष तक उम्र के कार्यकर्ता को ही जिलाध्यक्ष बनाया जाएगा। ऐसे में दुर्ग से धीरज बाकलीवाल का नाम प्रबल दावेदारों में सबसे ऊपर आ जाएगा।

आवेदन भरने के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हए थे।

दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस
1. राकेश ठाकुर को दोबारा मौका
दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस में मौजूदा अध्यक्ष राकेश ठाकुर को दोबारा जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। दुर्ग ग्रामीण से आवेदन करने वालों की संख्या भी 10 से कम बताई जा रही है। राकेश ठाकुर के अलावा अब तक दुर्ग ग्रामीण से कोई बड़ा नाम अब तक सामने नहीं आया है।
2. कम समय में ही दिखाई ताकत
राकेश ठाकुर को करीब 4 महीने पहले ही जिला अध्यक्ष बनाया गया है। जब से उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है तब से ही वे लगातार किसानों, मजदूरों और आम जनता के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं।
संगठन का कहना है कि आलाकमान ऐसे नेताओं को तरजीह देना चाहता है, जो लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। इसलिए राकेश ठाकुर का दोबारा चयन लगभग तय माना जा रहा है।
3. सभी सीनियर नेताओं से बेहतर तालमेल
राकेश ठाकुर का जिले और प्रदेश के सभी सीनियर नेताओं से बेहतर तालमेल है। अगर कोई जाति या वर्ग के समीकरण में बदलाव नहीं होता है तो राकेश ठाकुर के नाम पर सभी बड़े नेताओं की मौन सहमति शामिल है। यहां अगर किसी और को जिलाध्यक्ष बनाया जाता है तो यह पार्टी में काफी बड़ा फेरबदल माना जाएगा।
भिलाई जिला कांग्रेस
1. मुकेश के नाम पर कार्यकर्ताओं को आपत्ति नहीं
भिलाई कांग्रेस जिला अध्यक्ष पद पर मौजूदा अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर को फिर से मौका मिल सकता है। उनका सरल स्वभाव और सभी के प्रति सम्मान भाव उन्हें मजबूत दावेदार बना रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर पार्टी दोबारा उनके नाम पर फैसला लेती है, तो वे इसका स्वागत करेंगे।
2. विधायक की पसंद साकेत
भिलाई जिला अध्यक्ष की दौड़ में साकेत चंद्राकर का नाम भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि एक विधायक उन्हें पद दिलाने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहे हैं। जातिगत समीकरणों के लिहाज से अगर कुर्मी समाज से जिला अध्यक्ष चुना जाता है, तो मुकेश चंद्राकर और साकेत चंद्राकर के बीच मुकाबला कड़ा हो सकता है।
दोनों ही नेताओं के समर्थन में प्रभावशाली लॉबी सक्रिय है। अब देखना होगा कि अंतिम फैसला किसके पक्ष में जाता है।
3. बृजमोहन और नीता लोधी के नामों की चर्चा
अगर सामान्य वर्ग या महिला वर्ग पर अगर पार्टी विचार करती है तो इनमें भी दो प्रमुख नाम रेस में चल रहे हैं। सीनियर नेता बृजमोहन सिंह का नाम कार्यकर्ताओं के पैनल में तीसरे नंबर पर बताया जा रहा है।
वहीं अगर महिला वर्ग से भिलाई को जिला अध्यक्ष मिलता है तो पूर्व महापौर नीता लोधी इसकी प्रबल दावेदार मानी जा रही है। इसके अलावा भिलाई से काफी नाम शामिल हैं। इसमें सीनियर पार्षद के साथ-साथ बगावत कर चुनाव लड़ने वाले और वापस कांग्रेस में आने वाले कार्यकर्ता भी शामिल हैं।

मंच पर पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू के साथ तमाम सीनियर नेता रहे मौजूद।
भिलाई और दुर्ग शहर में आवेदन की भरमार
भिलाई शहर कांग्रेस में स्थिति सबसे जटिल मानी जा रही है। यहां कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं ने दावेदारी की है। लालचंद वर्मा, लक्ष्मीपति राजू और डी. कामराजू समेत सीनियर नेताओं ने आवेदन भरा है।
खासतौर पर नीता लोधी के आवेदन से पर्यवेक्षकों की मुश्किलें कुछ बढ़ गई हैं, क्योंकि महिला प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी के अंदर सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है। इसके अलावा दुर्ग शहर में भी 30 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने आवेदन भरा है।
इसमें नए कार्यकर्ताओं ने भी फॉर्म भर दिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि फॉर्म का शुल्क लेना था, फ्री में आवेदन की वजह से कई कार्यकर्ताओं ने आवेदन जमा कर दिया है।
बैज बोले- 50% युवाओं को प्रतिनिधित्व
बिलासपुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा था कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस अब 50 साल से कम उम्र के युवाओं को जिलाध्यक्ष नियुक्त करेगी। पार्टी ने साफ किया है कि संगठन सृजन की प्रक्रिया में 50% युवाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
बैज के इस बयान के बाद जिले में समीकरण बदलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। कई सीनियर नेता इससे किनारे हो जाएंगे। बैज ने कहा है कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में न तो गुटबाजी चलेगी और न ही किसी नेता की व्यक्तिगत पसंद चलेगी।
केवल पार्टी की विचारधारा से जुड़े और समर्पित कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा। इसके साथ ही नियुक्तियों में जातिगत समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा, ताकि संगठन में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
आपराधिक मामलों की जानकारी देना अनिवार्य
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन जमा कर लिए हैं, जो अब पर्यवेक्षकों के पास हैं। इस बार पार्टी ने आवेदन पत्र में कुछ नए कॉलम जोड़े हैं, जिनमें आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारी अनिवार्य कर दी गई है। अगर किसी आवेदक पर कोई मामला दर्ज है, तो उसे केस की धाराएं, मौजूदा स्थिति और कोर्ट से जुड़ी जानकारी विस्तार से देनी होगी।
इसके अलावा एक और अहम बिंदु यह है कि अगर किसी आवेदक को पहले पार्टी से निष्कासित किया गया हो, तो उसे कारण, निष्कासन की अवधि और माफी या दोबारा मिली सदस्यता की जानकारी भी स्पष्ट तौर पर देनी होगी।
किन-किन पदों पर किया है इसकी भी दी है जानकारी
आवेदन पत्र में आवेदक से उसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि की सामान्य जानकारी भी मांगी गई है। इसमें यह पूछा गया है कि उसने अब तक किन-किन पदों पर कार्य किया है, पार्टी के प्रति उनकी सक्रियता कैसी रही है।
समाज में उसका जनाधार कितना मजबूत है। आवेदक ने किस स्तर पर पार्टी के लिए कार्य किया है जैसे ब्लॉक, जिला, प्रदेश स्तर। पर्यवेक्षक ने सभी जानकारी आलाकमान को भेज दी है, अब बस नामों की घोषणा का ही इंतजार है।
2028 की तैयारी में जुटी कांग्रेस, संगठन में बड़े बदलाव जारी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा बदलाव कांग्रेस की 2028 विधानसभा चुनाव रणनीति का हिस्सा है। पार्टी अब संगठन को पूरी तरह से सक्रिय और एकजुट करना चाहती है। पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जिला इकाइयों में व्यापक बदलाव किए जा चुके हैं और दुर्ग जिला इसका अहम केंद्र माना जा रहा है।
आलाकमान का लक्ष्य है कि जिला अध्यक्षों के रूप में ऐसे चेहरे सामने आएं जो जमीनी कार्यकर्ताओं से जुड़ाव रखते हों, संगठन को गतिशील बना सकें और जनता के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा सकें। रायशुमारी के बाद तीनों जिलों की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी और फिर दिल्ली आलाकमान को भेज दी गई है। जल्द ही नामों की घोषणा की जाएगी।
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भिलाई कांग्रेस जिला-अध्यक्ष के लिए 13 मिनट में 37 फॉर्म भरे गए थे।
दुर्ग जिले के भिलाई में कांग्रेस जिला अध्यक्ष चुनाव को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। रविवार (5 अक्टूबर) को भिलाई के एक निजी होटल में भिलाई जिला अध्यक्ष के अंतर्गत आने वाले सभी 7 ब्लॉक के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। पढ़ें पूरी खबर…
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