कांग्रेस संगठन में चल रहे भीतरघात और गुटबाजी को लेकर भाजपा ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट पर निशाना साधा है।
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भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट यहां नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पायलट के सारे पायलट प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में फेल हो गए हैं, जिससे साफ है कि कांग्रेस नेतृत्वविहीन और दिशाहीन हो चुकी है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा
डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस द्वारा बार-बार वोट चोरी के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का अध्ययन करना चाहिए। निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, इसमें कहीं भी वोट चोरी संभव नहीं।
आयोग का कोई परमानेंट कर्मचारी नहीं होता और नाम जुड़ने की प्रक्रिया आंगनबाड़ी केंद्रों और शिक्षकों के माध्यम से पूरी होती है। कांग्रेस इन पर आरोप लगाकर आम आदमी को ही बेईमान बता रही है। उन्होंने कहा कि आयोग के 24 हजार बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) मेहनत करते हैं और कांग्रेस उन्हीं पर उंगली उठा रही है। यह साबित करता है कि राहुल गांधी से लेकर पूरी कांग्रेस पार्टी अब तक नियमों को समझ ही नहीं पाई है।

उधारी की कार्यकारिणी पर बैज चला रहे संगठन
प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी पर भी भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दो साल से अधिक समय से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज उधारी की कार्यकारिणी पर संगठन चला रहे हैं। हाल ही में राजनीतिक मामलों की बैठक में भूपेश बघेल ने बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के खिलाफ मोर्चा खोला, जिसे पूर्व मंत्री रवीन्द्र चौबे ने आगे बढ़ाया।
वहीं, जिला अध्यक्षों की बैठक में बैज और बघेल समर्थकों के बीच खुलकर टकराव देखने को मिला। डॉ. मिश्रा ने कहा कि अब कांग्रेस में पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) और बीसीसी (भूपेश कांग्रेस कमेटी) के बीच सत्ता संघर्ष का दौर शुरू हो गया है। ऐसे हालात में सचिन पायलट कांग्रेस की नैया कैसे पार लगाएंगे, यह बड़ा सवाल है।
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