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नर्सिंग में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू है। चार साल तक जीएनएम से बीएससी नर्सिंग में अपग्रेड हुई सीटों में प्रवेश हुआ, लेकिन इस बार रोक लगाई गई है। हालांकि, इसकी सूचना कॉलेजों को नहीं दी गई।
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यह बात तब सामने आई जब आवेदन के दौरान च्वाइस फिलिंग में उन कॉलेजों का नाम नहीं आया जहां पहले सिर्फ जीएनएम कोर्स संचालित था और जो अपग्रेड होकर बीएससी नर्सिंग का कोर्स संचालित कर रहे हैं। इसे लेकर द एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट ने कहा कि बिना सूचना के कुछ कॉलेजों काउंसिलिंग से बाहर किया गया है। जबकि यह सीटें नियमानुसार अपग्रेड हुई थी। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव और आयुक्त चिकित्सा शिक्षा से मिलकर उनके सामने बात रखी गई है। उम्मीद है कि इन्हें भी काउंसिलिंग में शामिल किया जाएगा।
उधर, एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अपग्रेडेड सीटों के प्रवेश पर रोक क्यों लगाई गई है, इस बारे में चिकित्सा शिक्षा से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। अधिकारी यह कह रहे हैं कि सीटें अपग्रेड करने के लिए शासन का कोई आदेश नहीं था। जबकि छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल ने ही इसे अपग्रेड किया।
वहीं भारत के राजपत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि अपग्रेडेशन के संबंध में राज्य शासन ने अनुमति की आवश्यकता नहीं है। फिर रोक क्यों लगाई गई, यह समझ से परे है। इस बारे में एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र चौबे का कहना है कि पिछले वर्षों में जीएनएम की सीटें नियमानुसार बीएससी नर्सिंग में अपग्रेड की गई। इसलिए इस बार भी पूरी सीटों को नर्सिंग की काउंसिलिंग में शामिल किया जाए। ताकि प्रदेश के अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर मिल सके।
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