पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक करते DGP अरुण गौतम।
छत्तीसगढ़ में ड्रग्स के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन निश्चय को और प्रभावी बनाने के लिए गुरुवार दोपहर डीजीपी अरुणदेव गौतम ने पुलिस कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया।
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इस दौरान डीजीपी ने जिले के आईजी, एसएसपी, एएसपी और सीएसपी को बैठक में बुलाया। उन्होंने ड्रग्स कार्रवाई पर डिटेल एनालिसिस करके तस्करों पर एक्शन लेने का निर्देश जारी किया है।
डीजीपी गौतम ने बैठक में ऑपरेशन निश्चय की मौजूदा स्थिति, चुनौतियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

रायपुर पुलिस ने तस्करों से इस ड्रग्स को पकड़ा था।
3 स्तरों पर काम करता है निश्चय अभियान
आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि निश्चय अभियान तीन स्तरों पर काम करता है। ड्रग्स की सप्लाई रोकना, खपत को कम करना और कोर्ट मॉनिटरिंग। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन पर की गई कार्रवाइयों से बड़ी सफलता मिली है।
उन्होंने जानकारी दी कि पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते संचालित 10 मॉड्यूल पूरी तरह ध्वस्त किए जा चुके हैं, जबकि दिल्ली और मुंबई से आने वाली सिंथेटिक ड्रग्स की बड़ी खेपों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब थानों से सीधे जुड़ी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

रायपुर में ड्रग्स बेचने के आरोप में ये आरोपी गिरफ्तार हो चुके है।
2 से 3 लाख लोगों का होगा रिहैब, क्षमता बढ़ाने पर जोर
आईजी मिश्रा ने बताया कि कोर्ट मॉनिटरिंग, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और नशामुक्ति से जुड़े लक्ष्यों में पुलिस तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि “2 से 3 लाख लोगों का रिहैब करना है, लेकिन मौजूदा क्षमता कम है।”
पहले चरण में उन लोगों को शामिल किया गया है जिनके परिवार उनका साथ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा वायलेंट वही लोग हैं, और जब मोहल्ले का सबसे बड़ा बदमाश खुद नशा छोड़ने की बात करेगा, तब अभियान का असर ज्यादा दिखेगा।

रायपुर में ड्रग्स बेचने के आरोप में ये आरोपी गिरफ्तार हो चुके है।

रायपुर में ड्रग्स बेचने के आरोप में ये आरोपी गिरफ्तार हो चुके है।
ड्रग सप्लाई चेन तोड़ने के लिए फाइनेंशियल-फोरेंसिक एनालिसिस शुरू
आईजी मिश्रा ने बताया कि ड्रग नेटवर्क का मॉडल मार्जिन पर आधारित होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “पंजाब में जो ड्रग 800 रुपए में मिलती है, वही रायपुर में 6 हजार तक पहुंच जाती है।” इस अंतर ने सप्लायरों और डीलरों को बड़ा नेटवर्क खड़ा करने का मौका दिया है।
ऑपरेशन निश्चय की रणनीति को मजबूत करने के लिए मॉड्यूल्स का फाइनेंशियल एनालिसिस, बैंकिंग ट्रेल और फोरेंसिक एनालिसिस किया जा रहा है, ताकि ड्रग मनी के पूरे प्रवाह को पकड़ा जा सके।
आईजी का कहना है कि पुलिस अब सिर्फ सप्लाई चेन ही नहीं, बल्कि नशे की आदत को खत्म करने और रिहैब सिस्टम को मजबूती देने पर भी फोकस करेगी, ताकि इस चक्र को जड़ से तोड़ा जा सके।
ऑपरेशन निश्चय को लेकर डीजीपी की बुलाई यह बैठक आने वाले दिनों में राज्य के ड्रग विरोधी अभियान में बड़े बदलाव का संकेत देती है।
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