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डीएनए रिपोर्ट से दो साल पुराने हत्याकांड का खुलासा, खमतराई पुलिस ने तीन आरोपितों को किया गिरफ्तार

रायपुर के खमतराई थाना पुलिस ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर हत्या के तीन आरोपितों मनहरण सारंग (33), राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31) और राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) को गिरफ्तार किया है। यह मामला शराब को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है, जिसके बाद लता साहू की हत्या कर दी गई थी। करीब दो साल तक अज्ञात रहे इस हत्याकांड में पुलिस को सफलता मृतिका के नाखूनों में मिले जैविक साक्ष्य से मिली।

मामले में डीसीपी दीपमाला कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 अगस्त 2024 को ट्रांसपोर्ट नगर में लता साहू की हत्या हुई थी। उस समय आरोपितों की पहचान नहीं हो सकी थी। हत्या की जांच के दौरान पुलिस को मृतिका के हाथों के नाखूनों में अज्ञात व्यक्ति के जैविक साक्ष्य मिले। पुलिस ने इस साक्ष्य को महत्वपूर्ण मानते हुए विधिवत सुरक्षित कराया और डीएनए प्रोफाइलिंग कराई। यही वैज्ञानिक साक्ष्य करीब दो वर्ष बाद मामले को सुलझाने में निर्णायक कड़ी बना।

घटना के समय लता के नाखूनों में मिले जैविक साक्ष्य को पुलिस ने सुरक्षित कराकर डीएनए प्रोफाइल तैयार कराया था। वर्ष 2026 में संदिग्धों के डीएनए नमूने लिए गए और पुराने प्रोफाइल से वैज्ञानिक मिलान कराया गया। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपितों का डीएनए मृतिका के नाखूनों से मिले जैविक साक्ष्य से मेल खा गया। इसके बाद वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर हुई पूछताछ में पुलिस के सामने हत्या की पूरी कड़ी खुलती चली गई।

पुलिस की जांच के दौरान वर्ष 2026 में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों के डीएनए नमूने लिए। इन नमूनों को 2024 में मृतिका के नाखूनों से सुरक्षित किए गए जैविक साक्ष्य के डीएनए प्रोफाइल से मिलान के लिए भेजा गया। पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक परीक्षण में मनहरण सारंग, राजेश पाल और राजू मंडल के डीएनए का मिलान मृतिका के नाखूनों से प्राप्त जैविक साक्ष्य से हुआ। इस रिपोर्ट ने करीब दो साल पुराने अज्ञात हत्या के मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा दी। इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के शुरुआती दौर में तीनों आरोपित घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने से बचते रहे। उन्होंने अलग-अलग बातें बताईं। हालांकि पुलिस के पास मौजूद डीएनए रिपोर्ट के आधार पर लगातार पूछताछ की गई। वैज्ञानिक साक्ष्य के संबंध में सवाल किए जाने पर आरोपितों से घटना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।

पूछताछ में पुलिस के सामने जो घटनाक्रम आया, उसके अनुसार घटना वाली रात तीनों लता साहू के घर पर शराब पी रहे थे। शराब खत्म होने के बाद दोबारा शराब लाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद झूमाझटकी में बदल गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपितों के कथन में सामने आया कि विवाद के दौरान राजू मंडल ने लता का गला दबाया। मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ पकड़ रखे थे, जबकि राजेश पाल ने उसके दोनों पैर पकड़ लिए थे। लता ने बचने के लिए संघर्ष किया और आरोपितों को नोचने का प्रयास किया। इसी दौरान उनके जैविक साक्ष्य लता के नाखूनों में रह गए।

पुलिस के मुताबिक, कुछ देर बाद लता की छटपटाहट बंद हो गई। इसके बाद तीनों आरोपित घर में रखी नकदी, साड़ी और बाजारू पायल लेकर पीछे की दीवार से निकलकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, नकदी तीनों ने आपस में बांट ली थी, जबकि साड़ी और पायल मनहरण सारंग ने अपने पास रखी थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित राजू मंडल उर्फ बंगाली के खिलाफ पहले से दो चोरी और एक हत्या के मामले दर्ज हैं। वर्तमान हत्या का मामला उसके खिलाफ दर्ज चौथा अपराध है। वहीं मनहरण सारंग के खिलाफ मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली का अपराध दर्ज होने की जानकारी पुलिस रिकार्ड में सामने आई है।

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