टॉप न्यूज़

Raipur Minor Rape Case | Father Threatened Victim & Sold Baby


रायपुर में बीते दिनों हुए 16 साल की बच्ची से रेप के मामले में भास्कर ने पड़ताल की है, जिसमें पता चला है कि पीड़ित बच्ची की दो छोटी बहनें भी हैं। आरोपी पिता पीड़िता को धमकी देता कि अगर वह नहीं मानेगी तो उन दोनों के साथ भी वही करेगा जो उसके साथ किया।

.

पुलिस ने पीड़िता के पिता-बुआ सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नाबालिग की प्रेग्नेंसी के बाद डिलीवरी कराने, फर्जी आधार कार्ड बनवाने और IVF सेंटर के जरिए नवजात को किसी अन्य शख्स को बेचने तक के पूरे खेल में 4 महिलाओं की भूमिका सामने आई है।

पुलिस पूछताछ और पीड़िता की शिकायत के आधार पर घटना के 4 अलग-अलग पार्ट सामने आए हैं। पढ़िए, बच्ची के साथ हुई पूरी साजिश की कहानी।

  • पार्ट 1: 16 साल की बच्ची से 3 साल तक रेप, प्रेग्नेंट और बच्चे का जन्म
  • पार्ट 2: दो छोटी बहनों को भी रेप की धमकी
  • पार्ट 3: फर्जी आधार दिखाकर डिलीवरी, IVF सेंटर की भूमिका, नवजात को डेढ़ लाख में बेचा
  • पार्ट 4: आरोपियो की गिरफ्तारी और मामले की जांच
शिकायत के बाद पिता-बुआ समेत 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

शिकायत के बाद पिता-बुआ समेत 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

पार्ट 1 – नाबालिग से 3 साल तक रेप, 2 बार प्रेग्नेंट हुई

  • 17 अगस्त को 16 साल की लड़की अपनी मां और मामा के साथ राजेंद्र नगर थाना पहुंची, जहां उसने अपने ही पिता के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई। बच्ची ने पुलिस को बताया कि 3 साल पहले उसके पिता उसे एक कमरे में ले गए, जहां शराब पिलाई और रेप किया। किसी को नहीं बताने की धमकी दी।
  • बाद में बच्ची ने अपनी बुआ को पूरी बात बताई, तो बुआ ने भी अपने ही भाई का साथ दिया। शोषण का सिलसिला 3 साल तक जारी रहा। इस दौरान वह 2 बार प्रेग्नेंट हुई। पहली बार पिता-बुआ ने मिलकर उसे मेडिसिन खिलाया और अबॉर्शन करा दिया।
  • 2025 में पिता ने दोबारा नाबालिग का रेप किया, वह फिर गर्भवती हो गई, लेकिन इस बार अबॉर्शन का समय नहीं बचा था, जिसके बाद उसकी डिलीवरी कराई गई। नाबालिग ने लड़के को जन्म दिया। इस बच्चे को किसी दूसरे शख्स को बेच दिया गया।
  • मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। नाबालिग ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की। उसने बताया कि उसके साथ किन-किन जगहों पर अपराध हुआ, उसे कहां-कहां ले जाया गया और इस पूरी घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
  • नाबालिग की जानकारी और पुलिस की जांच के आधार पर एक-एक कर आरोपियों की पहचान की गई। 9 आरोपियों को पकड़ा गया। जांच में नाबालिग की पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने से लेकर डिलीवरी कराने और नवजात को बेचने तक की पूरी कड़ी सामने आई।

पार्ट 2 – पिता बोला- मैं उनका भी रेप करूंगा

  • पुलिस की पूछताछ में नाबालिग पीड़िता ने कई और खुलासे किए। पीड़िता ने बताया कि मां-बाप 5 साल पहले ही अलग हो गए थे। उनके अलग होने के बाद से ही पिता उन्हें बिलासपुर से रायपुर ले आए। उसकी दो छोटी बहनें हैं। एक की उम्र 9 साल और दूसरी की 11 साल है।
  • रायपुर लाने के बाद भी उसके पिता ने शराब पिलाकर उसका शोषण जारी रखा। जब-जब वह अपने पिता का विरोध करती, तब उसका पिता धमकी देता कि अगर वह कॉपरेट नहीं करेगी तो जो उसके साथ हो रहा, वही उसकी दोनों छोटी बहनों के साथ भी होगा, पिता बोला- ‘मैं उनका रेप करूंगा।’
  • हर बार नाबालिग को यही धमकी मिलती। दोनों बहनों की पढ़ाई बाधित न हो और उन्हें ये सब झेलना न पड़े, इसके लिए वह अत्याचार सहती रही और शांत रही। उसने विरोध करना बंद कर दिया।

पार्ट 3 – साजिश, IVF सेंटर से संपर्क और आधार कार्ड एडिट

  • पुलिस जांच के मुताबिक नाबालिग के पिता, उसकी बुआ और अन्य लोगों ने मिलकर बच्ची की पहचान छिपाने, डिलीवरी कराने और नवजात को बेचने की पूरी साजिश रची। आरोपी पिता ने नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी एक गार्ड रोहित राय को दी। यहीं से सभी आरोपी एक्टिव हो गए और डिलीवरी से लेकर बच्चे को बेचने तक की प्लानिंग की।
  • गार्ड रोहित राय ने पिता की मुलाकात साहेब मंडल से कराई, जो अस्पताल से जुड़ा हुआ था। उसने बच्चे की डिलीवरी कराने और चिंता नहीं करने की बात कही। इसके बाद साहेब मंडल ने ये बात अपनी पत्नी वर्षा मंडल उर्फ बरखा वर्मा को बताई।
  • पुलिस के मुताबिक, बरखा वर्मा ने पूनम सांगरिया से कॉन्टैक्ट किया, जो रायपुर के इंदिरा IVF सेंटर में काम करती है। पूनम ने आगे योगिता रास से संपर्क किया। IVF सेंटर में काम करने वाली पूनम को जानकारी थी कि योगिता की पहचान में एक लड़का है जो फर्जी आधार कार्ड बनाता है।
  • नाबालिग के पिता और मंडल दंपत्ती पिंटू सिंह (32) के पास पहुंचे। पिंटू सिंह ने नाबालिग के आधार कार्ड को फोटोशॉप एप के जरिए एडिट किया और उसकी डेट ऑफ बर्थ बदलकर उसकी पहचान एक एडल्ट के रूप में बना दी।

फर्जी आधार कार्ड बनाकर बालिग और शादीशुदा दिखाया

  • पुलिस जांच के मुताबिक, नाबालिग की असली उम्र छिपाने के लिए उसके आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर उसे बालिग और शादीशुदा दिखाया गया। इसी आधार पर उसे डंगनिया स्थित वासुदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी डिलीवरी कराई गई।
  • जांच के मुताबिक, वर्षा मंडल ने अपने पखांजूर निवासी भांजे सुब्रत विश्वास से संपर्क किया। डिलीवरी के बाद सुब्रत बच्चे को देखने के लिए भी रायपुर आया था। डिलीवरी के 4 दिन बाद बच्चे को योगिता रॉय को सौंपा गया।
  • 15 दिन तक योगिता रॉय ने बच्चे की देखरेख की। मंडिल दंपती और सुब्रस साहू के बीच नवजात को बेचने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपए में सौदा तय हुआ। तय रुपए UPI के जरिए ट्रांसफर किए गए। पुलिस के अनुसार, डिलीवरी के 20 दिन बाद फर्जी दस्तावेजों और लिखा-पढ़ी के जरिए नवजात को सुब्रत विश्वास को सौंप दिया गया।

पार्ट 4 – आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की जांच

  • पुलिस ने बताया कि इस मामले में पिता और बाकी आरोपियों की गिरफ्तार होते देख पीड़िता थाने में भावुक हो गई थी। पुलिस के सामने वह काफी देर तक रोती रही।
  • रायपुर पश्चिम डीसीपी रॉबिंसन गुड़िया ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने पिता और बुआ समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि IVF सेंटर में काम करने वाली महिला का क्या कनेक्शन है। साथ ही फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले युवक ने अब तक कितने लोगों के आधार कार्ड से छेड़छाड़ की है।

…………………..

इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें..

नाबालिग से 3 साल तक रेप, 2 बार प्रेग्नेंट हुई: दवा खिलाकर अबॉर्शन कराया; दूसरी बार शादीशुदा बताकर कराई डिलीवरी, फिर नवजात को बेचा

16 साल की लड़की ने अपने पिता पर रेप करने का आरोप लगाया है।

16 साल की लड़की ने अपने पिता पर रेप करने का आरोप लगाया है।

रायपुर में नाबालिग से रेप और नवजात को बेचने का मामला सामने आया है। 16 साल की लड़की ने अपने पिता पर करीब 3 साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पिता, बुआ समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button