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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले से ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ की शुरुआत की। इसके साथ ही बस्तर जिले में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का अभियान शुरू हो गया है। प्रशासन ने करीब 9.5 लाख लोगों तक इलाज और जांच पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। अभियान के तहत जिले के गांवों और दूरस्थ इलाकों में 289 स्क्रीनिंग टीमों को तैनात किया गया है। इन टीमों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक और मितानिन शामिल हैं। ये टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं और जरूरत के अनुसार मौके पर ही इलाज भी दे रही हैं। इस अभियान के तहत हर व्यक्ति का डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बनाया जा रहा है। इसे आयुष्मान भारत (आभा) से जोड़ा जा रहा है, ताकि मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रह सके। इन बीमारियों की हो रही जांच टीमें हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, सिकलसेल और कैंसर जैसे गैर-संचारी रोगों की जांच कर रही हैं। साथ ही टीबी, मलेरिया, कुष्ठ और फाइलेरिया जैसे संक्रामक रोगों की भी स्क्रीनिंग की जा रही है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनीमिया, विटामिन ए की कमी और हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान भी की जा रही है।
5300 से ज्यादा विजिट प्लान तैयार पूरे जिले में 5300 से ज्यादा विजिट प्लान बनाए गए हैं। बस्तर ब्लॉक में सबसे ज्यादा 52 टीमें काम कर रही हैं। लक्ष्य है कि हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचे। जांच के दौरान गंभीर मरीज मिलने पर उन्हें तुरंत रेफरल स्लिप दी जा रही है। साथ ही प्राथमिक इलाज और जरूरी दवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। जागरूकता के लिए अलग-अलग तरीके गांवों में कोटवारों के जरिए मुनादी कराई जा रही है। स्थानीय भाषा में ऑडियो संदेश चलाए जा रहे हैं। पंचायत स्तर पर लाइव वेबकास्टिंग भी की जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान से जुड़ें।
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