सरोना तहसील के ग्राम घोटियावाही में एक परिवार के पांच सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर सनातन धर्म में वापसी की है। यह परिवार तीन साल पहले प्रलोभन और बहकावे में आकर ईसाई धर्म में शामिल हुआ था, लेकिन अब उन्होंने अपने पूर्वजों की आस्था और परंपराओं को याद करत
.
ग्रामीणों ने परिवार के सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उनके पैर धुलाए गए और गंगा जल छिड़क कर उन्हें सनातन धर्म में पुनः शामिल किया गया। उपस्थित ग्रामीणों ने परिवार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
परिवार ने स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद में ईसाई धर्म अपनाया था
ग्रामीणों के अनुसार, परिवार के सदस्यों को खराब स्वास्थ्य के बहाने ईसाई धर्म में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया था। हालांकि, जब उन्हें अपेक्षित स्वास्थ्य लाभ नहीं मिला, तो उन्होंने अपने मूल धर्म में वापसी करने का फैसला किया।

परिवार का पगड़ी और लाल बंधन से हुआ स्वागत
सर्व समाज द्वारा शुक्रवार को घर वापसी का यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अवसर पर सर्व समाज के अध्यक्ष कमल किशोर कश्यप, घोटियावाही के सरपंच राजेंद्र मरकाम, पूर्व सरपंच कन्हैया नेताम सहित राधे शोरी, मन्नु मरकाम, धनसिंग मरकाम, जगदेव पटेल, हिरेश मरकाम, बिश्रराम, लगनू राम, धनसिंग, अशोक, कवीत लाल, आसू लाल, फरस निषाद, बीर सिंह मरकाम, बिदे राम, राम भरोस, सत्ते सिंह, सरपंच महेश्वर शोरी, ग्राम पटेल बृज लाल मंडावी और अन्य ग्रामीण उपस्थित थे। परिवार का पगड़ी पहनाकर और लाल बंधन कर स्वागत किया गया।
सर्व समाज द्वारा 14 दिसंबर रविवार को कांकेर में एक विशाल रैली निकालने की भी घोषणा की गई है। इस रैली का उद्देश्य मतांतरण जैसी अवैध गतिविधियों को रोकना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है। यह रैली नरहरदेव मैदान से शुरू होकर कांकेर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरेगी।
<
