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कोंडागांव के ग्राम पंचायत माकड़ी में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के क्लस्टर क्रमांक-13 समाधान शिविर में वन-जलवायु परिवर्तन विभाग की पहल मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान 43 किसानों को 99,500 क्लोनल नीलगिरी पौधे वितरित किए गए, वहीं तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की मेधावी बेटियों को सम्मानित कर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया गया। शिविर में वन विभाग की ओर से संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 43 पात्र किसानों को कुल 99,500 क्लोनल नीलगिरी पौधों का वितरण किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ वृक्षारोपण के माध्यम से अतिरिक्त आय प्रदान करना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में शिविर सहायक नोडल अधिकारी और माकड़ी वन परिक्षेत्र अधिकारी संजय कुमार वारे ने ग्रामीणों को ‘एक पेड़ मां के नाम’ और हरियाली प्रसार योजना की जानकारी दी। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में वृक्षारोपण किसानों के लिए आय का एक बड़ा स्रोत बन सकता है। शिविर में शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी शिविर में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों के लिए संचालित शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन वर्ष 2011-12 से यह योजना चला रहा है, जिसके तहत मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। मेधावी छात्र पुरस्कार योजना के तहत प्रतिभाओं का सम्मान मेधावी छात्र पुरस्कार योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली मारागांव की कुमारी झरना नेताम और कक्षा 12वीं की भिरण्डा निवासी कुमारी लिलेश्वरी पोयाम को सम्मानित किया गया। जनप्रतिनिधियों ने दोनों छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर उनकी उपलब्धि की सराहना की। प्रोत्साहन राशि योजना के तहत मेधावी छात्राओं को लाभ इसके अलावा शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाली चार छात्रा रामबती नेताम, निशा नेताम, प्रीति मरकाम और ममता नेताम को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। विभाग ने बताया कि इस योजना के तहत कक्षा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को 15 हजार रुपए और कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। समर कैंप का सफल समापन जिला प्रशासन कोंडागांव के निर्देश पर शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित समर कैंप 2026 का समापन सफलतापूर्वक हो गया है। यह शिविर 1 मई से 25 मई 2026 तक बंधा तालाब स्थित पार्क और आदिवासी विश्राम गृह परिसर में चला। समापन समारोह आदिवासी विश्राम गृह, कोंडागांव में प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया गया। समर कैंप में बच्चों को चित्रकला, टेराकोटा कला, मेहंदी कला, गायन, वादन, शास्त्रीय नृत्य, कबाड़ से जुगाड़, जुम्बा डांस और वैदिक गणित जैसी अलग-अलग विधाओं में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में 260 से अधिक बच्चों की सहभागिता शिविर में जिले के 260 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण कार्य जिले के प्रतिष्ठित प्रशिक्षकों ने संपन्न कराया। चित्रकला के लिए खेम वैष्णव, टेराकोटा कला के लिए बुसचंद चक्रधारी, शास्त्रीय नृत्य के लिए काजल अंसारी, मेहंदी कला के लिए शिमायला हसन और सना खान शामिल रहे। कबाड़ से जुगाड़ में अंकित गुप्ता, तबला वादन में कमल चौहान, गायन में जयकिशन मार्कण्डेय, जुम्बा डांस में बृजेश पवार और वैदिक गणित में नारायण सिंह साहू ने बच्चों को प्रशिक्षण दिया। समापन समारोह में प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति समापन समारोह की अध्यक्षता नगरपालिका अध्यक्ष नरपती पटेल ने की। इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, जिला कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई विशेष रूप से उपस्थित रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रदर्शनी ने किया आकर्षित बच्चों की ओर से प्रस्तुत गायन, वादन, नृत्य, चित्रकला, टेराकोटा, मेहंदी और कबाड़ से जुगाड़ की प्रदर्शनी-प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों को प्रभावित किया। समापन पर प्रमाण पत्र और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक और नागरिक उपस्थित रहे।
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