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बिलासपुर में नगर निगम चार तालाबों के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए 20 करोड़ रुपये की नई योजना का प्रस्ताव शासन को भेज रहा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब शहर के कई तालाब, जिन पर पहले करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, अभी भी बदहाल स्थिति में हैं। शहर के तारबाहर वार्ड स्थित घनी आबादी वाला डीपूपारा तालाब करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गंदा और बदहाल है। इसी तरह, जरहाभाठा के जतिया तालाब से दुर्गंध आती है, जिससे सुबह-शाम सैर के लिए आने वाले लोग परेशान होते हैं। तालाब की दुर्दशा के लिए मेयर,नगर निगम जिम्मेदार:आरोप तारबाहर निवासी दिलीप नारायण ने डीपूपारा तालाब की दुर्दशा के लिए सीधे मेयर और नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यदि निगम स्टाफ तालाब की व्यवस्थाओं की देखरेख करता, तो करोड़ों खर्च कर लगाई गई आकर्षक लाइटें और अन्य सुविधाएं आज बदहाल नहीं होतीं। फंड तो आता पर रख रखाव नहीं: स्थानीय निवासी इसी वार्ड के राजेश रजक ने बताया कि महापौर पूजा विधानी ने तालाब के सुधार का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों के लिए फंड तो आ जाते हैं, लेकिन खर्च होने के बाद उनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे निगम की संपत्तियां बर्बाद हो जाती हैं। देखरेख का जिम्मा स्वसहायता समूहों को:अपर आयुक्त नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने स्वीकार किया है कि तालाबों के सुधार या अन्य निर्माण पर खर्च की गई राशि के बाद उनके रखरखाव की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। उन्होंने बताया कि नई योजना में तालाबों के पुनर्विकास कार्य के बाद उनकी देखरेख का जिम्मा स्वसहायता समूहों को दिया जाएगा, ताकि व्यवस्थाएं सुचारु रूप से बनी रहें। तालाब अब इको फ्रेंडली बनेंगे बिलासपुर स्मार्ट सिटी के जीएम( टेक्निकल) एसपी साहू का कहना है कि अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत पर्यावरण को केंद्र में रख कर तालाबों के पुनरोद्धार की योजना बनाई गई है। इसके लिए करीब 20 करोड़ का प्रस्ताव शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है, राज्य से प्रस्ताव केंद्र सरकार को जाएगा और पूरी राशि केंद्र से प्राप्त होगी। इन तालाबों का सौंदर्यीकरण होगा और आबंटित राशि (करोड़ में) पानी स्वच्छ करने बॉयोटेक्नॉलाजी का इस्तेमाल होगा नगर निगम के अधीक्षण अभियंता साहू ने बताया कि तालाबों में नालों की निकासी करने के पूर्व पानी की सफाई के लिए बॉयोटेक्नॉलाजी का इस्तेमाल किया जाएगा। तालाब में योगा, जिम तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़- पौधे लगाए जाएंगे, ताकि तालाब का परिसर पूरी तरह इको फ्रेंडली बन जाए।
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