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धान खरीदी केंद्र बुनगा में सरकार द्वारा निर्धारित 40 किलो से अधिक मात्रा में किसानों से धान लिया जा रहा है। इतना ही नहीं खरीदी प्रभारी व अन्य लोगों द्वारा भारी हेराफेरी भी की जा रही है। अधिकारियों की टीम ने शनिवार को जांच की तो कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। खरीदे गए धान के स्टॉक में भी भारी अंतर है। मोटा धान स्टॉक से 370 बोरी कम पाया गया तो स्वर्णा धान की मात्रा निर्धारित खरीदी से 375 क्विंटल कम पाया गया।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के लिए अलग-अलग विभागों की संयुक्त टीम बनाई गई है। जिला स्तर के एक अधिकारी को तो एक से अधिक खरीदी केंद्रों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनकी जिम्मेदारी नियमित रूप से जांच करना है। वहीं टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया जा रहा है। शनिवार को पुसौर तहसीलदार अनुराधा पटेल के नेतृत्व में एक टीम ने ब्लॉक के खरीदी केंद्र बुनगा का निरीक्षण किया। यहां चौकाने वाली लापरवाही सामने आई है।
जिला खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह ने बताया कि बुनगा में खरीदी में अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने पर तहसीलदार पुसौर अनुराधा पटेल, नायब तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक व अपेक्स बैंक के पर्यवेक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया। खरीदी की जिम्मेदारी प्रबंधक डिलेश्वर प्रधान, ऑपरेटर अभिलाष गुप्ता व बारदाना प्रभारी श्याम सुंदर साव को दी गई है। ^संयुक्त जांच दल द्वारा उपार्जन केंद्र में मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान धान खरीदी नीति 2025-26 का उल्लंघन पाया गया, जिसके आधार पर संबंधितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है।
धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मयंक चतुर्वेदी, कलेक्टर {संयुक्त दल द्वारा एक दिन पूर्व खरीदी गई धान की बोरियों का रैंडम वजन लिया गया, जिसमें औसतन 40 किलो 915 ग्राम पाया गया। {स्टैक में रखी बोरियों का औसत वजन 40 किलो 820 ग्राम पाया गया, जो कि शासन द्वारा निर्धारित मानक वजन से अधिक है। {स्टॉक के भौतिक सत्यापन में 16 बोरा धान अतिरिक्त पाया गया। {ऑनलाइन खरीदी पत्रक के अनुसार केंद्र में सरना धान 2205 क्विंटल होना चाहिए था, जबकि भौतिक सत्यापन में 2580 क्विंटल सरना धान पाया गया। {वहीं 1558 क्विंटल मोटा धान के विरुद्ध केवल 1188 क्विंटल पाया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि उपार्जन केंद्र में मोटा किस्म धान की खरीदी दर्शाकर सरना धान की खरीदी की जा रही थी। {नए व पुराने बारदाना के उपयोग में भी अनियमितता पाई गई और खाली नए बारदाना के स्टॉक में भी अंतर पाया गया।
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