सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाले में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को बड़ी राहत देते हुए दो अलग-अलग मामलों में जमानत दे दी। …और पढ़ें

HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में निरंजन दास को दी जमानत
- राज्य से बाहर रहने और जांच में सहयोग की शर्त पर मिली राहत
- एक अन्य मामले में सुनवाई लंबित होने से फिलहाल जेल से रिहाई नहीं
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 3,200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को बड़ी राहत देते हुए दो अलग-अलग मामलों में जमानत दे दी। हालांकि, एक अन्य मामले में जमानत याचिका लंबित होने के कारण फिलहाल उनकी जेल से रिहाई नहीं हो सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जायमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की विशेष पीठ ने मुख्य घोटाले और उससे जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया। अदालत ने रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और पूर्व विशेष सचिव तथा सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी को पहले मिली जमानत का हवाला देते हुए कहा कि जब अन्य सह-आरोपितों को राहत मिल चुकी है और ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है, तो याचिकाकर्ता को लगातार हिरासत में रखना उचित नहीं होगा।
पीठ ने टिप्पणी की कि निरंजन दास को क्रमशः 18 सितंबर 2025 और 19 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने कहा कि भले ही उन्हें आबकारी नीति का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा हो, लेकिन मुकदमे के निष्कर्ष तक पहुंचने में काफी समय लगेगा।
निरंजन दास पर सख्त शर्तें
जमानत देते हुए अदालत ने निरंजन दास पर सख्त शर्तें भी लगाई हैं। उन्हें अन्य सह-आरोपितों की तरह राज्य से बाहर रहना होगा। वह केवल कोर्ट में पेशी और जांच में शामिल होने के लिए ही छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। हालांकि, अदालत ने भविष्य में इन शर्तों में ढील के लिए आवेदन करने की अनुमति भी दी है।
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