दुर्ग जिले में 3 नाबालिग लड़कों ने घर घुसकर 6 लाख की चोरी की है। शिक्षक नगर में रहने वाला पटैरिया परिवार 1 हफ्ते के लिए बाहर गया था। तभी सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया।चोर खिड़की की जाली तोड़कर घुसे और 50 ग्राम का सोने का बिस्किट, पीतल-कांसे के ब
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मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। चोरी का सामान आरोपियों ने एक महिला को बेचा था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है वहीं नाबालिग आरोपियों को भी पुलिस ने पकड़ा है। उनके कब्जे से सारा सामान जब्त किया गया।

घर में रखा बर्तन भी ले गए थे चोर।
खिड़की जाली तोड़ कर अंदर घुसे नाबालिग
मामला शिक्षक नगर दुर्ग का है, जहां के रहने वाले उमा शंकर पटैरिया (89 साल) ने 22 अक्टूबर को थाना दुर्ग कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके सुने मकान (मकान नंबर 385, गली नंबर 2, शिक्षक नगर) में 11 से 17 अक्टूबर 2025 के बीच अज्ञात चोरों ने खिड़की की जाली तोड़कर घुसपैठ की और 50 ग्राम का सोने का बिस्किट, पीतल व कांसे के बर्तन तथा टंकी समेत करीब छह लाख रुपए का सामान चोरी कर लिया।
त्रिनयन एप की मदद से मिला सुराग
पीड़ित परिवार की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान दुर्ग पुलिस ने त्रिनयन एप के माध्यम से तकनीकी विश्लेषण किया, जिसमें तीन विधि से संघर्षरत बालक संदिग्ध पाए गए। तीनों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की।
चोरी का माल महिला को बेचा, गिरफ्तार
चोरी करने वाले नाबालिगों ने बताया कि चोरी किया गया सामान उन्होंने एक महिला राखी कसेर, (50 वर्ष) को बेच दिया है। पुलिस ने महिला आरोपी से पूछताछ की तो उसने चोरी का माल खरीदने की बात स्वीकार कर ली।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 50 ग्राम सोने का बिस्किट, एक पीतल का कोपर, एक पीतल का कलश, एक कांसे का कलश और एक पीतल की टंकी कुल मूल्य 6,58,800 रुपए बरामद किया।
बाल सुधार गृह भेजे गए आरोपी
महिला आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि तीनों बाल आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर बाल सुधार गृह भेजा गया।
पुलिस के अनुसार इस पूरे प्रकरण के खुलासे में त्रिनयन एप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। त्रिनयन एप से मिले सुराग के आधार पर ही आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ।
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