![]()
.
पीएम फसल बीमा योजना के तहत 3 हजार 360 हे. में लगी 4 फसलों के लिए जिले के 2 हजार 711 किसान पंजीयन करवा चुके हैं। पंजीयन करवाने वाले किसान 17.98 लाख रुपए प्रीमियम राशि जमा कर चुके हैं। इच्छुक किसान रबी सीजन में चार फसल गेहूं, सरसों, चना, अलसी का बीमा 31 दिसंबर तक करवा सकेंगे। इन्हें अधिसूचित फसलों में शामिल कर प्रति हेक्टेयर ऋणमान, प्रीमियम दर, प्रीमियम राशि निर्धारित किया गया है।
कृषि विभाग के अनुसार पिछले सीजन 11 हजार से ज्यादा किसानों ने पंजीयन यानी बीमा कराया था। इस बार पंजीयन के लिए 8 दिन का समय बाकी है। ऐसे में विभाग के अफसर खेतों व गांवों में पहुंचकर किसानों को बीमा कराने अपील कर रहें ताकि प्राकृतिक आपदा आने पर नुकसान की भरपाई हो सकें। विभागीय अफसरों के अनुसार धान फसल की कटाई, मिंजाई व उपज बेचने में किसान व्यस्त है। इस वजह से अब तक 3 हजार से कम किसानों ने पंजीयन कराया है। सोमवार को एक ही दिन में 500 से ज्यादा किसानों ने पंजीयन कराने विभागीय प्रक्रिया पूरी की है।
कृषि विभाग ने सरसों फसल के लिए प्रीमियम राशि 420 रुपए तय की कृषि विभाग के अनुसार गेहूं सिंचित के लिए प्रति हेक्टेयर ऋण मान 38 हजार रुपए और प्रीमियम दर 1.5% निर्धारित है। प्रीमियम राशि 570 रुपए तय है। गेहूं असिंचित के लिए ऋण मान 25 हजार रुपए और प्रीमियम दर 1.5% निर्धारित है। प्रीमियम राशि 370 रुपए तय है। चना के लिए ऋण मान 42 हजार रुपए और प्रीमियम दर 1.5% निर्धारित है। प्रीमियम राशि 630 रुपए तय है। सरसों के लिए ऋण मान 28 हजार रुपए और प्रीमियम दर 1.5% निर्धारित है। प्रीमियम राशि 420 रुपए तय है। अलसी के लिए ऋण मान 17 हजार रुपए और प्रीमियम दर 1.5% निर्धारित है।
खरीफ सीजन की तुलना में रबी में कम किसान पंजीयन करवाते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत हर साल खरीफ सीजन में औसतन 10-11 करोड़ रुपए प्रीमियम राशि जमा कर जिले के 90 हजार से ज्यादा किसान पंजीयन करवाते है। अधिकांश किसान धान के लिए पंजीयन कराने विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हैं लेकिन रबी सीजन में धान का पंजीयन नहीं होने की वजह से स्थिति दूसरी रहती है। खरीफ की तुलना में रबी में 10 गुना कम किसान ही पंजीयन करवाते हैं। नुकसान होने की स्थिति में फसल कटाई प्रयोग के आधार पर सहायता राशि उपलब्ध कराने की बातें विभागीय अफसर कह रहे हैं। प्राकृतिक विपदा के कारण उपज में होने वाले नुकसान का आंकलन फसल कटाई प्रयोग से किया जाता है।
अऋणी किसान जरूरी दस्तावेजों के साथ मोबाइल को भी लाएं: चंद्राकर कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चंद्राकर ने बताया कि अधिसूचित फसलों का फसल बीमा ऋणी किसान अपने संबंधित समिति या बैंक में जाकर करा सकते हैं। रबी वर्ष 2025-26 में फसल बीमा कराने पर मोबाइल में ओटीपी के माध्यम से वेरिफिकेशन किया जाएगा। बीमा करवाने अऋणी किसान जरूरी दस्तावेजों के साथ मोबाइल भी लेकर जाए। अऋणी किसान अपने अधिसूचित फसल का बीमा कराने के लिए स्वयं का बोआई प्रमाण पत्र, बीमा प्रस्ताव पत्र, खसरा बी-1, पी-2, आधार कार्ड, नवीनतम बैंक पासबुक एवं किसान का वैध मोबाइल नं घोषणा पत्र प्रस्तुत कर लोक सेवा केंद्र, सहकारी समिति, बैंक में फसल बीमा करा सकते हैं।
<
