टॉप न्यूज़

25 अगस्त को शिक्षकों की 'टेट मुक्ति रैली':छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने सेवा सुरक्षा की गारंटी ली, रखी ये मांगे




छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने 25 अगस्त को प्रदेशव्यापी ‘टेट मुक्ति रैली’ का आह्वान किया है। यह रैली सभी जिलों में सहायक शिक्षकों, शिक्षकों और व्याख्याताओं की तरफ से निकाली जाएगी। रैली कलेक्टोरेट तक पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, शिक्षा सचिव और डीपीआई के नाम से कलेक्टर और डीईओ को ज्ञापन सौंपा जाएगा। रैली की तैयारियों के लिए मोर्चा 22 और 23 अगस्त को हर जिले में टेट प्रभावित शिक्षकों के साथ बैठकें आयोजित करेगा। मोर्चा के संयोजकों ने बताया कि बिलासपुर जिले में 4100 और बिलासपुर संभाग में 19000 सहायक शिक्षकों और शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता होगी। मिलकर रणनीति बनाने का आह्वान मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे और केदार जैन ने शिक्षकों से ‘टेट मुक्ति’ अभियान में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के साथ मिलकर रणनीति बनाने का आह्वान किया है। मोर्चा ने आश्वासन दिया है कि विभाग के साथ विस्तृत चर्चा हुई है, जिससे शिक्षकों का अहित नहीं होगा। हालांकि, सभी प्रभावित शिक्षकों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की आवश्यकता है। शिक्षक कर्मचारी नेता संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे और केदार जैन ने नारा दिया है, “हमने दिलाया है, हम ही दिलाएंगे।” उन्होंने बताया कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के भर्ती और पदोन्नति नियमों में टेट अनिवार्य नहीं था। अब नई प्रक्रिया के तहत उन्हें टेट देने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जबकि कई शिक्षकों को 28 साल का लंबा सेवा अनुभव है। तीनों प्रदेश संयोजकों ने दोहराया कि टेट प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की गारंटी छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा लेता है। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन ने शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह और लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी से हाल ही में भेंट कर लंबी चर्चा की और एक कार्य योजना उन्हें अवगत कराया। जिस पर उन्होंने त्वरित रूप से जानकारी लेते हुए सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिया है, साथ ही साथ प्रदेश भर के शिक्षकों के लिए बीएड ब्रिज कोर्स कराने के आग्रह को स्वीकार करते हुए कार्ययोजना बनाने कहा है। मोर्चा ने रखी ये मांगे मोर्चा ने नई भर्ती व पदोन्नति नियम 13 फरवरी 2026 को शिक्षकों के लिए विसंगति पूरा बताते हुए उसमें संशोधन का सुझाव रखा है। वहीं पुरानी पेंशन पूर्ण रूप से शिक्षकों को मिले इसके लिए पूर्व सेवा की गणना किए जाने का पक्ष भी पुरजोर तरीके से रखा। इसी प्रकार राज्य के शिक्षक और कर्मचारियों को केंद्रीय स्तर का वेतनमान देते हुए वेतन विसंगति दूर करने की मांग की गई।



Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button