जीवन को सही दिशा देते हैं सद्गुरु

भास्कर न्यूज | डौंडी जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से डौंडी के सांस्कृतिक भवन में आयोजित तीन दिवसीय श्रीकथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ शनिवार को शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा में सबसे आगे बैनर एवं झंडाधारी श्रद्धालु चल रहे थे। इसके बाद दुर्गा माता की झांकी, छत्तीसगढ़ी नृत्य, शिव-पार्वती की झांकी, वेद पाठशाला, राधा-कृष्ण की झांकी, फाग गीत, छत्तीसगढ़ी नृत्य एवं सामाजिक उपक्रमों पर आधारित झांकी शामिल रही। इसके बाद राम दरबार की मनोहारी झांकी, भजन मंडली, कलशधारी महिलाएं एवं रथ आकर्षण का केंद्र रहे। रथ के पीछे श्रद्धालुओं जयघोष, भजनों के साथ आगे बढ़ रहे थे। प्रथम दिवस के प्रवचन में ज्ञानेश्वर जाधव ने कहा कि जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य ने मानव जीवन को संतुलित, सुखी एवं सफल बनाने के लिए तीन सरल किंतु प्रभावशाली सूत्र बताए हैं, प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट अपने इष्टदेव, आराध्य एवं गुरु की एकाग्र भक्ति करना, स्वप्न में भी किसी का बुरा न सोचना तथा तुम जियो और दूसरों को जीवन दो के सिद्धांत को जीवन में धारण करना। उन्होंने कहा कि कलियुग में मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने के लिए सद्गुरु का मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। एकसूत्र में बांधती है उन्होंने कहा कि भक्ति अंतर्मन और बहिर्मन को एकसूत्र में बांधती है, जिससे निर्णय क्षमता, विवेक, आत्मसंयम, उत्साह, साहस एवं सकारात्मक चिंतन का विकास होता है और मनुष्य का जीवन सत्पथ की ओर अग्रसर होता है। श्रीकथा ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी की सिद्ध चरण पादुकाओं एवं लीलामृत ग्रंथ का यजमान, पुरोहितों एवं श्रद्धालुओं द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त विधि से पूजन किया गया। माल्यार्पण के साथ धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस सेवा स्वरूप मुख्य यजमान संदीप रहे।
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