डाक टिकटों के जरिए अनजान सेनानियों के संघर्ष को बताया

भास्कर न्यूज | बालोद शहर के वरिष्ठ डाक टिकट संग्राहक डॉ. प्रदीप जैन ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक डाक टिकटों की प्रदर्शनी बालोद के डाकघर में लगाई है। प्रदर्शनी के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के इन महत्वपूर्ण लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित अध्यायों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। डॉ. जैन ने बताया कि ऐतिहासिक घटनाओं और आंदोलनों की स्मृतियों को अमिट बनाए रखने के लिए भारतीय डाक विभाग ने समय-समय पर डाक टिकट और विशेष आवरण जारी किया है। 15 अगस्त 1947 को मिली आज़ादी लंबे संघर्ष, हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अदम्य साहस और देशभर में हुए विभिन्न आंदोलनों की परिणति थी। इन आंदोलनों ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और आज़ादी की लड़ाई में मील के पत्थर साबित हुए। ऐसे ही कई अनजाने सेनानियों और आंदोलनों के बलिदान व संघर्ष को डाक टिकटों के जरिए याद किया।
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