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शहर के सत्तीपारा इलाके में रविवार रात एक व्यवसायी से हुई 20 लाख रुपए की लूट के मामले को पुलिस ने महज कुछ घंटों में सुलझा लिया है। खास बात यह है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड व्यवसायी का एक पूर्व कर्मचारी निकला, जिसे चोरी की आदतों के कारण काम से निकाल दिया गया था।
रविवार रात करीब 10 बजे, व्यवसायी अनिल अग्रवाल अपनी दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे राणी सती कॉलोनी के गेट के पास पहुंचे, वहां घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उनके सिर पर बांस के डंडे से प्रहार किया। हमले से घायल होकर अनिल अग्रवाल सड़क पर गिर पड़े।
इसी बीच बाइक सवार दो बदमाश उनका रुपयों से भरा बैग (जिसमें 20 लाख रुपए थे) लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की नाकेबंदी की और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। पुलिस का दबाव बढ़ता देख बदमाश जगदीशपुर इलाके में बाइक और पैसों से भरा बैग छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने मौके से 18 लाख रुपए बरामद किए। पुलिस ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और बाकी बचे 2 लाख रुपए भी बरामद कर लिए। पुलिस ने दोनों आरोपी दीपक दास (23 वर्ष) निवासी लखनपुर, व्यवसायी का पूर्व कर्मचारी और रोहित दास (21 वर्ष) निवासी भाथुपारा, दीपक का सहयोगी को गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी दीपक दास के पिता पिछले 10 वर्षों से अनिल अग्रवाल की दुकान में कार्यरत थे। पिता के बुजुर्ग होने पर दीपक को काम पर रखा गया था, लेकिन वह छोटी-मोटी चोरियां करने लगा।
करीब चार माह पहले अनिल अग्रवाल ने दीपक को चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था और उसे काम से निकाल दिया था। इसी रंजिश के चलते उसने लूट की साजिश रची। दीपक को अनिल अग्रवाल के पूरे कारोबार और उनके आने-जाने के समय की सटीक जानकारी थी। उसने अपने दोस्त रोहित के साथ मिलकर पिछले 10 दिनों तक इलाके की रेकी की। योजना के मुताबिक, रोहित ने बांस से हमला किया और दीपक बाइक लेकर बैकअप के लिए तैयार खड़ा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। घायल व्यवसायी का उपचार जारी है। वहीं, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच कर रही है।
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