इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को 1800 से अधिक छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विद्यार्थि
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समारोह में रमेन डेका, विष्णु देव साय और रामविचार नेताम शामिल हुए। दीक्षांत भाषण भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह ने दिया।


राज्यपाल ने कृषि में नई तकनीक लाने पर दिया जोर
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि भारत में कृषि केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, परंपरा और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में कृषि स्नातकों की बड़ी भूमिका होगी।
उन्होंने विद्यार्थियों से गांवों में जाकर नई तकनीक, अनुसंधान और नवाचारों को किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि बदलते मौसम और बाजार की चुनौतियों के बीच ऐसी तकनीक विकसित करने की जरूरत है, जिससे किसानों की लागत घटे और आय बढ़े।
उन्होंने प्राकृतिक खेती, दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि कृषि को युवाओं के लिए आसान और लाभकारी बनाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री बोले- कृषि विश्वविद्यालय दूसरी हरित क्रांति का बने अग्रदूत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक के रूप में नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय अब तक विभिन्न फसलों की 160 से अधिक किस्में और 100 से ज्यादा उन्नत कृषि तकनीक विकसित कर चुका है। जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने वाले बीजों पर भी काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पास धान के 23,250 जर्मप्लाज्म संरक्षित हैं, जो दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। इसके अलावा अन्य फसलों की करीब 6 हजार किस्में भी संग्रहित हैं।

कृषि मंत्री बोले- युवाओं को फिर खेती से जोड़ना बड़ी चुनौती
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि और उद्यानिकी दोनों क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है। नई तकनीकों और अनुसंधानों से किसान उत्पादन बढ़ा रहे हैं और आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार धान के साथ अन्य फसलों को भी बढ़ावा दे रही है। प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी।
उन्होंने चिंता जताई कि युवाओं का खेती से जुड़ाव कम हो रहा है। इसलिए कृषि को आधुनिक, लाभकारी और आकर्षक बनाना जरूरी है।

AI आधारित “IGKV Connect” ऐप लॉन्च
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने एनआईआरएफ रैंकिंग में 39वें स्थान से बढ़कर 28वां स्थान हासिल किया है।
इस मौके पर विश्वविद्यालय द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट “आईजीकेवी कनेक्ट” ऐप का भी लोकार्पण किया गया। यह ऐप विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगा।
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