दोनों नक्सल पति-पत्नी इसी कमरे में रहते थे। फिलहाल पुलिस ने कमरे में ताला जड़ दिया।
रायपुर के चंगोराभाठा इलाके से गिरफ्तार नक्सल पति-पत्नी 1800 रुपए भाड़े के कमरे में रह रहे थे। किसी को शक न हो करके उन्होंने मजदूरों का भेष रखा हुआ था। पुलिस को जर्जर हो चुके कमरे से 10 तोला के सोने के बिस्किट और कैश भी मिले हैं। दोनों पति-पत्नी पर राय
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इसके अलावा उन्हें नक्सल का शहरी नेटवर्क मजबूत करने का काम भी सौंपा गया था। रायपुर पुलिस ने गोपनीय सूचना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की। इनके खिलाफ डीडी नगर थाने में विधि विरुद्ध क्रियाकलाप एक्ट (UAPA) जैसी गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस मुख्यालय के आदेश पर केस को स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) को सौंपा गया है।

नक्सल दम्पति का कमरा भीतर से ऐसे ही दिखता है, दीवारों में सीपेज है और मकान पुराना हो गया है। (फोटो-पडोस का कमरा)
चिकन खरीदने निकलता था जग्गू
दैनिक भास्कर की टीम नक्सल पति-पत्नी के चंगोराभाठा स्थित कमरे पर पहुंची। मकान घनी बस्ती के बीच में तंग गलियों में था। कमरा जर्जर था, पड़ोस में अकेली बुजुर्ग महिला रहती है। उसने बताया कि दोनों पति-पत्नी सुबह मजदूरी में जा रहे हैं कहकर निकलते थे। फिर रात साढ़े 8 बजे तक वापस लौटते थे। वह ज्यादातर किसी से बातचीत नहीं करते थे। हालांकि महिला नक्सली कमला कुरसम(27) घर के बाहर गणेश और दुर्गा देखने निकलती थी।

पड़ोसी महिला ने बताया कि वह रविवार को भी घर पर नहीं रहते थे। कमरे के भीतर से फोन में बात करने की बस आवाज आती थी।
वहीं उसका पति जग्गू कुरसम पास के ही चिकन दुकान में अक्सर चिकन खरीदने जाता था। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि उसकी भाषा बस्तर इलाके की ठेठ थी। उन्होंने युवक को हाफ पैंट और टी-शर्ट में कई बार देखा था। दोनों पति पत्नी काम में जाते समय मुंह में गमछा बांध लेते थे।

मकान मालकिन पुष्पा ने बताया कि दोनों पति-पत्नी ज्यादा किसी से बातचीत नहीं करते थे।
मकान-मालकिन बोली-पवन ने दिलाया था कमरा
इस मामले में मकान मालकिन पुष्पा ने बताया कि दोनों पति-पत्नी के कमरे में पहले पवन नाम का युवक रहता था। पवन करीब 6 महीने कमरे में रहा और वह भी रोजी मजदूरी करता था। जब उसका साइट का काम पूरा हो गया तो उसने जग्गू को 1800 रुपए महीने में अपनी जगह मकान किराए पर दिलाया था। पुलिस को आशंका है कि पति पत्नी ने कंस्ट्रक्शन साइड में चालाकी से पवन से दोस्ती की। फिर उसके माध्यम से इस मकान में शिफ्ट हो गए।

मकान मालिक हेमंत देवांगन घर में ही किराने की दुकान चलाता है।
कॉल इंटरसेप्शन में फंसे पति-पत्नी
इस मामले में इंटेलिजेंस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जग्गू उर्फ रवि उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला के बारे में इंटेलिजेंस को कॉल इंटरसेप्शन से पता चला। रायपुर लोकेशन से बस्तर बेल्ट में संपर्क होने के तकनीकी इनपुट की छानबीन की गई। इसके बाद डीडी नगर पुलिस को जानकारी भेजी गई। पड़ोसियों के मुताबिक, कुछ लोग सिविल ड्रेस में रात 11:30 बजे के करीब घर पर पहुंचे।
उन्होंने कमरे का दरवाजा खटखटाया। भीतर में पति-पत्नी मौजूद थे। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला पुलिस की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपियों के घर से पुलिस को एक 10 तोला का सोने का बिस्किट, 1 लाख 14 हजार रुपए, 2 नग टच स्क्रीन मोबाइल और अन्य सामान बरामद किया गया है।

जग्गू उर्फ रवि उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला के बारे में इंटेलिजेंस को कॉल इंटरसेप्शन से पता चला।
दोनों पति-पत्नी का नक्सल इतिहास
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जग्गू करीब 11 साल की उम्र में बीजापुर इलाके में नक्सल संगठन से जुड़ गया। वह पहले गंगालूर इलाके में एक्टिव था फिर माढ़ क्षेत्र में आ गया। 2008 तक उसने फोर्स के साथ लड़ाई की। इस दौरान वह नक्सल संगठन की कई अलग-अलग कमेटी का सदस्य भी रहा। वर्तमान में वह भैरमगढ़ डिवीजनल कमेटी(DVC) का मेंबर था। जग्गू पर 8 लाख रुपए का इनाम था। वहीं उसकी पत्नी कमला एरिया कमेटी मेंबर थी। उसके ऊपर 5 लाख का इनाम था।
नक्सल कैडर में रहते हुए दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया। फिर उन्होंने शादी कर ली। इसके बाद वह कई रायपुर, दुर्ग-भिलाई जैसे कई अलग-अलग शहरों में रहकर नक्सल नेटवर्क को मजबूत करने के काम में लग गए। फिलहाल SIA पूछताछ में जग्गू से जानकारी निकलवाने में जुटी है।
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