Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » 18 साल पुराने मारपीट केस में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का नरम रुख; दोषसिद्धि बरकरार, लेकिन जेल की सजा घटी
Breaking News

18 साल पुराने मारपीट केस में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का नरम रुख; दोषसिद्धि बरकरार, लेकिन जेल की सजा घटी

By adminMay 23, 2026No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
1779486584 22 05 2026 high courtcg
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2005 के एक बहुचर्चित मारपीट मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले की अपील पर सुनवाई करते हुए आरोपियों की दोषसिद्धि (Conviction) को तो बरकरार रखा, लेकिन सजा के मामले में नरम रुख अपनाया। कोर्ट ने सभी अपीलकर्ताओं की जेल की सजा को उनके द्वारा पहले से काटी गई अवधि (एक माह से अधिक) तक ही सीमित कर दिया है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में माना कि चूंकि यह मामला करीब 18 साल पुराना है और इसकी अपील भी साल 2008 से लंबित थी, इसलिए इतने लंबे समय बाद आरोपियों को दोबारा जेल भेजना न्यायोचित नहीं होगा। कोर्ट के मुताबिक, इस मामले में न्याय के उद्देश्य की पूर्ति इसी से हो जाएगी।

ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी तीन साल तक की कड़ी सजा

इस मामले में जांजगीर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) ने 17 मार्च 2008 को फैसला सुनाया था। ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए सजा तय की थी।

धारा 147 व 148 (बलवा): एक-एक वर्ष का कारावास।

धारा 326/149 (गंभीर चोट): तीन वर्ष का कठोर कारावास और 2,500 रुपये जुर्माना (जुर्माना न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास)।

धारा 325/149: दो वर्ष की सजा।

धारा 324/149 (दो मामले): एक-एक वर्ष की सजा और 500-500 रुपये जुर्माना।

धारा 323/149: छह माह के कारावास की सजा।

लंबा समय गुजरा, अब कठोर सजा देना ठीक नहीं

हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश ने समय के लंबे अंतराल को मुख्य आधार माना। कोर्ट ने टिप्पणी की कि घटना वर्ष 2005 की है और अपील पिछले 18 वर्षों से लंबित रही। इस दौरान आरोपी मानसिक और सामाजिक रूप से इस मुकदमे का दंश झेल चुके हैं।

साथ ही रिकॉर्ड को देखते हुए कोर्ट ने पाया कि सभी अपीलकर्ता पहले ही एक महीने से ज्यादा का समय जेल में बिता चुके हैं। इन विशेष परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने कौशल, बेलीस्थर, कामता प्रसाद, नेगीराम, दिनेश कुमार, सुनील कुमार, बबला, जुगुनू, दिलीप और बनवासी की अपील को आंशिक रूप से (Partially) स्वीकार कर लिया।

बलवे की धारा से बरी, जुर्माना देना होगा

हाईकोर्ट ने अपने अंतिम फैसले में तकनीकी और कानूनी पहलुओं को देखते हुए सभी अपीलकर्ताओं को आईपीसी की धारा 147 और 148 (बलवा और घातक हथियार से बलवा) के आरोपों से बरी कर दिया है।

हालांकि, मारपीट की अन्य धाराओं (धारा 323, 324 और 325) के तहत उनकी दोषसिद्धि को सही ठहराया गया है। कोर्ट ने साफ किया कि सजा में संशोधन: आरोपियों द्वारा पहले से काटी गई जेल अवधि को ही उनकी अंतिम सजा माना जाएगा, यानी उन्हें अब दोबारा जेल नहीं जाना होगा।

जुर्माने की शर्त: यदि आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाया गया जुर्माना अब तक जमा नहीं किया है, तो उन्हें वह राशि निचली अदालत के निर्देशानुसार अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

बिलासपुर में गहराया डीजल संकट, पंपों में स्टॉक खत्म होने से बसों के पहिये थमने की नौबत

May 23, 2026

बिलासपुर रेल मंडल में विशेष संरक्षा अभियान, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में की जा रही सघन जांच

May 23, 2026

छत्तीसगढ़ शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद निजी स्कूलों की मनमानी, सेंट जेवियर्स के सामने खुली दुकान सील

May 23, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13783/159
samvad add RO. Nu. 13783/159
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

071632
Views Today : 67
Views Last 7 days : 2104
Views Last 30 days : 4675
Total views : 94009
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.