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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 5 महिलाएं भी शामिल हैं। इन सभी नक्सलियों पर कुल 37 लाख रुपए का इनाम घोषित था। हिंसा का रास्ता छोड़कर सभी नक्सलियों ने सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।
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आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर 1 लाख रुपए से लेकर 8 लाख रुपए तक का इनाम घोषित था। ये सभी नक्सली पिछले कई वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे। इनमें से अधिकांश नक्सली उत्तर बस्तर डिवीजन की मिलिट्री कंपनी में भी सक्रिय रहे हैं।
ये नक्सली कई मुठभेड़ों में शामिल रहे हैं और हत्या, आगजनी समेत अन्य कई बड़ी वारदातों में भी शामिल रहे हैं। अब सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर और एनकाउंटर के डर से सभी नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है।
ये हैं सरेंडर करने वाले नक्सली
- बोडा वड्डे उर्फ भीमा, उत्तर बस्तर डिवीजन कंपनी नंबर-5 मिलिट्री सदस्य, 8 लाख रुपए इनामी
- नमेश मंडावी, उत्तर बस्तर डिवीजन कंपनी नंबर 6 मिलिट्री कंपनी सदस्य, 8 लाख रुपए इनामी
- सोमारी मंडावी, उत्तर बस्तर डिवीजन कंपनी नंबर 6 मिलिट्री कंपनी सदस्य, 8 लाख रुपए इनामी
- सियाराम सलाम उर्फ आकाश उर्फ सनकू, जीआरबी डिवीजन मालाजखंड एरिया कमेटी सदस्य, 5 लाख रुपए इनामी
- मीरा मंडावी, PPCM, 2 लाख रुपए इनामी
- सन्नू पोड़ियाम, पार्टी सदस्य, 1 लाख रुपए इनामी
- सोमारी अलामी, पार्टी सदस्य, 1 लाख रुपए इनामी
- सुद्दी आलामी, पार्टी सदस्य, 1 लाख रुपए इनामी
- सकलू उसेंडी, पार्टी सदस्य, 1 लाख रुपए इनामी
- बुदरी उईका, पार्टी सदस्य, 1 लाख रुपए इनामी
- तुलसी पोटाम, पार्टी सदस्य, 1 लाख रुपए इनामी
SP बोले- इस साल 298 नक्सलियों ने किया सरेंडर
नारायणपुर के एसपी रॉबिंसन गुड़िया ने बताया कि आज की कार्रवाई के बाद वर्ष 2025 में जिले में कुल 298 माओवादी कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि क्षेत्र में विश्वास, शांति और विकास की प्रक्रिया लगातार गति पकड़ रही है।
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