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रायपुर-बिलासपुर के बीच आवाजाही अब और आसान होगी। एनएचआई मार्ग का चौड़ीकरण करेगा। इसके तहत सड़क रायपुर से सिमगा तक 8 लेन और सिमगा से बिलासपुर तक 6 लेन होगी। रायपुर से सिमगा की सड़क प्रदेश की पहली सड़क होगी जो 8 लेन बनेगी।
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एनएचएआई ने डीपीआर के लिए 17 सितंबर को टेंडर जारी कर दिया है। एनएचएआई टेंडर की अवधि डेढ़ माह की रखी है। डेढ़ माह के भीतर टेंडर खुलेगा, इसमें एल-1 भरने वाली कंपनी को इसका टेंडर मिलेगा।
ठेका एजेंसी रायपुर से बिलासपुर तक सर्वे करीब छह माह के भीतर रिपोर्ट एनएचएआई को सौैंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद एनएचएआई सड़क चौड़ीकरण का टेंडर जारी करेगी। यह प्रोजेक्ट करीब एक हजार करोड़ की राशि से अधिक का होगा।
सड़क के 8 लेन होने से रायपुर और बिलासपुर की दूरी कम हो जाएगी। इससे शहरवासियों को काफी फायदा मिलेगा। एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि चौड़ीकरण के लिए भू-अर्जन नहीं करना पड़ेगा। सड़क के दोनों तरफ नेशनल हाइवे की जमीन है। तीन साल में 126 किलोमीटर इस लंबी सड़क के चौड़ीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा।
सिमगा से बिलासपुर तक की सड़क को 6 लेन बनाया जाएगा, अभी 4 लेन है
रायपुर-बिलासपुर चौड़ीकरण वर्ष 2016 में शुरू हुआ। एनएचएआई ने चौड़ीकरण का काम तीन पार्ट में पूरा किया गया था। इसमें रायपुर-सिमगा 6 लेन, सिमगा से सारागांव और सारागांव से बिलासपुर तक फोरलेन सड़क बनाई गई थी। इसमें बिलासपुर से रायपुर तक चौड़ीकरण के लिए ठेका दिलीप बिल्डकॉन, एलएंडटी और पुंज एलायड का ठेका मिला था।
इसे चौड़ीकरण के लिए 1478 करोड़ का टेंडर जारी हुआ था। कंपनी ने वर्ष 2018 तक काम पूरा कर लिया था। एनएचएआई अब इसी सड़क को चौड़ीकरण करने का निर्णय लिया है। डीपीआर बनाने वाली एजेंसी बताएगी कि किन जगहों पर और कितना ओवर पास और अंडरब्रिज का निर्माण किया जाना है। इसके साथ ही किन-किन जगहों पर प्रवेश और निकास देंगे। यह डीपीआर बनने के बाद ही खुलासा होगा कि प्रोजेक्ट में कितनी राशि खर्च होगी और एजेंसी के रिपोर्ट देने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरु होगी।
रायपुर-बिलासपुर सड़क से रोज गुजरते हैं 45 हजार वाहन ट्रैफिक डीएसपी सतीश सिंह ठाकुर ने बताया कि रायपुर-बिलासपुर सड़क प्रदेश की सबसे ज्यादा व्यस्त सड़क है। इस पर प्रतिदिन 40 से 45 हजार वाहन गुजरते हैं। सर्वाधिक लाइट व्हीकल्स इसी मार्ग पर चलती हैं। इसी कारण जनप्रतिनिधियों द्वारा इस सड़क को 8 और 6 लेन करने की मांग लगातार की जा रही थी।
आधे घंटे का बचेगा समय एनएचएआई के अफसरों ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और औद्योगिक परिवहन को सुगम बनाना है। औद्योगिक और यात्री यातायात के निरंतर बढ़ते आंकड़े देखते हुए इसका विस्तार किया जा रहा है। फिलहाल इस दूरी को तय करने में जहां लगभग दो घंटे लगते हैं। चौड़ीकरण होने से यात्रियों का आधे घंटे से अधिक का समय बचेगा।
चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू
रायपुर-बिलासपुर सड़क चौड़ीकरण करना है। रायपुर से सिमगा तक 8 लेन और सिमगा से बिलासपुर तक 6 लेन होगा। डीपीआर बनाने के लिए टेंडर जारी हो गया है। डीपीआर रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। – प्रदीप कुमार लाल, रीजनल आफिसर रायपुर
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