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सूरजपुर‘-सरगुजा की सीमा पर ग्राम कोटबहरा में बीती रात दंतैल हाथी ने युवक को कुचलकर मार डाला। युवक काम कर वापस घर लौट रहा था। रात को हाथी द्वारा युवक को कुचलने की सूचना मिलने पर वनविभाग का अमला मौके पर पहुंचा। हाथी द्वारा युवक को कुचलने से भड़के लोगों ने गुरुवार सुबह कल्याणपुर मार्ग में चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मामला सूरजपुर वन परिक्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बीती शाम ग्राम कोटबहरा निवासी केशव (28 वर्ष) काम कर लौट रहा था। अंधेरा होने के कारण वह रास्ते में खड़े जंगली हाथी को नहीं देख सका और उसके नजदीक पहुंच गया। हाथी को देखकर केशव ने भागने की कोशिश की। हाथी ने उसे दौड़ाकर सूंढ़ से पटक दिया और पैर से कुचल दिया। केशव की मौके पर मौत हो गई। क्षत-विक्षत हालत में मिला शव
हाथी द्वारा युवक को कुचले जाने की सूचना पर देर रात वनविभाग के अधिकारियों के साथ ग्रामीण मौके पर पहुंचे। युवक का शव क्षत विक्षत हालत में मिला। शव को पंचनामा पश्चात् पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। गुरुवार की सुबह कोटबहरा के लोग बड़ी संख्या में कल्याणपुर में जुट गए और अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग में चक्काजाम कर दिया। प्रतापपुर-सूरजपुर सीमा पर 7 हाथी
वनविभाग के अनुसार युवक को कुचलने वाला हाथी दल से अगल होकर विचरण कर रहा है। प्रतापपुर के सेमई इलाके में 7 हाथी विचरण कर रहे थे। इसमें से एक हाथी दल से अलग होकर कोटबहरा में पहुंच गया। 6 हाथियों के दल ने खड़गवां के रमेश्वरपुर में किसानों के तरबूज, मक्का एवं धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों की निगरानी वनविभाग की टीम कर रही है, लेकिन कोटबहरा पहुंचे हाथी की निगरानी वनविभाग नहीं कर सका, जिससे ग्रामीणों को हाथी की मौजदूगी की सूचना नहीं मिली। ग्रामीणों ने बताया कि महुआ का सीजन होने के कारण लोग बड़ी संख्या में जंगल एवं आसपास के इलाकों में अंधेरे में ही चले जाते हैं। हाथियों की मौजूदगी के कारण लोग सहमे हुए हैं। प्रतापपुर एसडीओ फारेस्ट संस्कृति बारले ने बताया कि वनविभाग द्वारा लोगों को जंगल न जाने की सलाह दी जा रही है। हाथियों की निगरानी की जा रही है।
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