छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत के कारण आम जनता और बस ऑपरेटरों की मुसीबतें बेहद बढ़ गई हैं। …और पढ़ें

HighLights
- दिनभर बसों का इंतजार कर रहे मुसाफिर।
- बीच रास्ते में खड़ी हो जा रहीं गाड़ियां।
- थमीं सौ बसों के पहिए,यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: गहराते डीजल संकट ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रफ्तार धीमी कर दी है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि बिलासपुर से विभिन्न मार्गों पर चलने वाली करीब 100 बसों के पहिए थम गए हैं। बस आपरेटरों का कहना है कि मार्ग के अधिकांश पेट्रोल पंप पर डीजल नहीं है, जहां है भी उन पंपों पर पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से बसों का परिचालन मुश्किल हो रहा है। इसके चलते कई बसों को बीच रास्ते में रोकना पड़ रहा है।
प्रशासन चाहे जितने दावे करें लेकिन, हकीकत यही है कि पेट्रोल-डीजल का संकट बरकरार है। डीजल की सप्लाई धीरे-धीरे घट रही है। कई पंपों पर स्थिति और खराब है। इसका सीध असर बसों के परिचालन पर पड़ रहा है। तिफरा स्थित हाईटेक बस स्टैंड से संचालित होने वाली 30 प्रतिशत बसें डीजल संकट के कारण थम गईं है। इसकी पुष्टि स्वंय बस मालिकों ने की। यह समस्या किसी एक मार्ग चलने वाली बसों में नहीं आ रही बल्कि अधिकांश जगहों पर यही स्थिति है।
जहां पंपों में पेट्रोल है, वहां एक बस को मात्र एक से दो हजार रुपए का डीजल दिया जा रहा है, जबकि लंबी दूरी तय करने वाली बसों के लिए यह बेहद कम है। इस स्थिति में यदि बसों का परिचालन करते हैं तो वह कहीं भी थम जाएगी और इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ेगा। यात्रियों की नाराजगी का सामना चालक व सहायक को करना पड़ सकता है। विवाद या यात्रियों को परेशान करने से अच्छा है कि परिचालन ही न किया जाए। इस स्थिति में कम से कम यात्री किसी दूसरे संसाधन से मंजिल तक पहुंच सकते हैं।
बस स्टापेज में करते रहे यात्री इंतजार
डीजल संकट के चलते 30 प्रतिशत बसों के पहिए थम गए। जिन मार्गों की यह बसें हैं, वहां बने बस स्टापेज पर यात्रा इंतजार करते रहे। यात्रियों की परेशानी भी लगातार बढ़ रही है। रोजाना नौकरी, व्यापार और पढ़ाई के लिए सफर करने वाले यात्री बसों के इंतजार में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं। कई यात्रियों को निजी वाहनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में हालात और गंभीर हैं, जहां बस सेवा ही लोगों का मुख्य परिवहन साधन है।
बेलगहना में खड़ी बस, सूचना पर प्रशासन ने उपलब्ध कराया डीजल
रतनपुर मार्ग पर मंगलवार को अधिकांश पेट्रोल पंपों में डीजल नहीं था। दुबे ट्रैवल्स की एक बस रतनपुर, बेलगना, कोनचरा मार्ग पर चलती है। डीजल मिलने की उम्मीद पर यह बस बिलासपुर से रवाना तो हो गई कि लेकिन, मार्ग में कही भी डीजल नहीं मिला, जिसके चलते यात्रियों से भरी यह बस बेलगहना में खड़ी हो गई।बस मालिक एसएल दुबे ने परेशान होकर इसकी जानकारी इंटरनेट मीडिया पर शेयर की। जिससे प्रशासन के अधिकारी सकते में आ गए। इसी बीच संबंधित विभाग के एक अधिकारी ने उनसे जानकारी ली और जहां बस खड़ी थी, उसका लोकेशन लिया। प्रशासनिक पहल के बाद डीजल उपलब्ध हुआ और बस गंतव्य के लिए रवाना हुई। हालांकि कुछ बसें अब भी बेलगहना में खड़ी है।
नहीं मिली डीजल तो और बसें थम जाएंगी
छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के संभागीय अध्यक्ष एसएल दुबे ने बताया कि डीजल संकट की स्थिति यही रही तो जल्द और भी बसों के पहिए थम जाएंगे। उनका कहना है कि कम से कम 5500 रुपये का डीजल एक दिन में लगता है, तब जाकर बस बिलासपुर से सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचती है और वहां से लौटकर आती है। अभी स्थिति बेहद गंभीर है। इसी वजह से धीरे-धीरे बसों के पहिए थमने लगे हैं। कोरबा और आसपास के इलाकों में भी डीजल आपूर्ति प्रभावित होने की खबर है। ऐसे में लंबी दूरी की यात्री बसों पर सबसे अधिक असर पड़ा है।
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