छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में तोरवा पुलिस और ओडिशा पुलिस के अंतरराज्यीय समन्वय के चलते एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। …और पढ़ें

HighLights
- लोन दिलाने के नाम पर महाघोटाला।
- तोरवा पुलिस का क्विक एक्शन।
- अंतरराज्यीय समन्वय की जीत।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। ओडिशा के कोरापुट जिला अंतर्गत जैपुर से दो करोड़ से अधिक की ठगी कर ट्रेन से भाग रहे पांच आरोपित को तोरवा पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस की टीम आरोपित से पूछताछ कर रही है। जल्द ही आरोपित को ओडिशा पुलिस के हवाले किया जाएगा।
तोरवा पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा के कोरापुट जिला अंतर्गत जैपुर से दो कराेड़ से अधिक की ठगी कर पांच आरोपित ट्रेन से महाराष्ट्र की ओर भाग रहे हैं। ओडिशा पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर तोरवा पुलिस अलर्ट हो गई। तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने रेलवे स्टेशन में घेराबंदी कर ओडिशा की ओर से आने वाली ट्रेनों में संदेहियों की तलाश शुरू कर दी।
संदेहियों के हुलिए के आधार पर तोरवा पुलिस की टीम ठगी करने वालों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की टीम को पांच लोग दिखे। बताए गए हुलिए से मिलान करने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। तत्काल इसकी सूचना ओडिशा पुलिस को दी गई। साथ ही संदेहियों की तस्वीर भी साझा की गई। पहचान के बाद संदेहियों को थाने लाया गया। यहां प्राथमिक पूछताछ की गई है। अब आरोपित को ओडिशा पुलिस के हवाले किया जाएगा। आगे की कार्रवाई और पूछताछ ओडिशा पुलिस करेगी।
अंतरराज्यी समन्यवय से पकड़े गए आरोपित
तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों ने पड़ोसी राज्य में ठगी की घटना को अंजाम दिया है। इसके बाद आरोपित भाग रहे थे। तब ओडिशा पुलिस ने बिलासपुर में अधिकारियों को इसकी सूचना दी। अंतरराज्यी समन्वय के साथ आरोपित की तलाश की गई। दोनों राज्यों की पुलिस के समन्वय से आरोपित भागने में कामयाब नहीं हो सके। जल्द ही आरोपित को ओडिशा पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
क्या है मामला
ओडिशा के कोरापुट जिला अंतर्गत जैपुर थाना क्षेत्र के नुआसाही निवासी बिनोद साहू ने ठगी की शिकायत की है। पीड़ित ने बताया कि लक्ष्मीकांतो पंडा ने लोन दिलाने के नाम पर ठगी की है। मामले की जांच के दौरान पता चला कि लक्ष्मीकांतो पंडा ने अलग-अलग लोगों से लोन दिलाने के नाम पर करीब दो करोड़ की ठगी की है। इसकी शिकायत थाने में की गई। इधर शिकायत की भनक लगते ही लक्ष्मीकांतो और उसके सहयोगी महाराष्ट्र भाग रहे थे। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
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