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आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार के ‘सुशासन तिहार’ को लेकर सवाल उठाए हैं। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रस्तावित कार्यक्रम को पूरी तरह दिखावा बताते हुए कहा कि सरकार सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट और प्रचार में लगी है, जबकि जनता के हजारों आवेदन आज भी लंबित पड़े हैं। नरेटी ने कहा कि पिछले साल भी सरकार ने सुशासन तिहार मनाया था और हाल ही में 1 से 15 अप्रैल तक प्रदेशभर में समस्या समाधान शिविर लगाए गए, लेकिन इन शिविरों में मिले आवेदनों का अब तक निराकरण नहीं हो सका। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पिछले साल कुल कितने आवेदन मिले और उनमें से कितनों का समाधान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता अपनी मूलभूत समस्याओं—पानी, बिजली, सड़क, राशन और पेंशन को लेकर शिविरों में पहुंची थी, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिला। “जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे साफ है कि प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह विफल है,” नरेटी ने कहा। नरेटी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सुशासन चाहती है, तो उसे समयबद्ध तरीके से आवेदनों का निराकरण करना चाहिए। लेकिन ऐसा न होना दर्शाता है कि सरकार को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित आवेदनों का समाधान नहीं किया गया, तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन करेगी और जनता की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी। वहीं, सरकार जहां इस अभियान को उपलब्धि बता रही है, विपक्ष इसे जनता के साथ छलावा करार दे रहा है।
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