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बलौदाबाजार के ग्राम रवान स्थित सीमेंट संयंत्र में ऊंचाई से गिरने के कारण एक ठेका मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान हेमप्रकाश खुंटे के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि यह दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या सुरक्षा में लापरवाही का परिणाम। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ और शुरुआती जानकारी के अनुसार, मजदूर ने संयंत्र की सातवीं या नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी। संयंत्र में यह भी चर्चा है कि एक साथी मजदूर ने हेमप्रकाश को कूदने से रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने आत्महत्या की बात से साफ इनकार किया है। परिजनों का कहना है कि हेमप्रकाश सुबह सामान्य मानसिक स्थिति में खाना खाकर काम पर निकला था और घर में कोई विवाद नहीं था। हेमप्रकाश अपने परिवार का इकलौता बेटा था। पीड़ित परिवार ने कंपनी प्रबंधन पर जानकारी छिपाने और असंवेदनशील रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, उन्हें घटना की सूचना समय पर नहीं दी गई। जब वे प्लांट पहुंचे, तो उन्हें भीतर जाने से रोक दिया गया। इसी दौरान एक एम्बुलेंस संयंत्र से बाहर निकली, लेकिन परिजनों को उसमें बैठने नहीं दिया गया और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी गई। जानकारी के अनुसार, मजदूर की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद प्रबंधन ने शव को आनन-फानन में रायपुर भेज दिया। स्थानीय पुलिस और परिजनों को विश्वास में लिए बिना शव को इतनी दूर भेजने को लेकर क्षेत्र में आक्रोश है। परिजन पहुंचे कोतवाली थाना, निष्पक्ष जांच की मांग घटना से नाराज परिजन कोतवाली थाना पहुंचे और निष्पक्ष जांच व न्याय की मांग करते हुए लिखित आवेदन दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर सुरक्षा के लिए बल तैनात कर दिया है। घटनास्थल पर पुलिस की जांच जारी बलौदाबाजार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा, पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर पूरे घटनास्थल की जांच कर रही है और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। डॉक्टरों की रिपोर्ट और मेडिकल मेमो का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस ने की मुआवजे की मांग सीमेंट प्लांट में काम करने वाले 22 वर्षीय मजूदर की संदिग्ध हालात में मौत मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे ने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि हादसे के बाद परिजनों को समय पर जानकारी नहीं दी गई और बिना बताए घायल श्रमिक को इलाज के लिए रायपुर ले जाया गया। कांग्रेस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की है। साथ ही मृतक के परिवार को 60 लाख रुपए मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और मासिक पेंशन देने की मांग भी की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो कंपनी के गेट के सामने आंदोलन किया जाएगा।
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