Central Cooperative Bank scam in Ambikapur: सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर के जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले ने अब नया मोड़ …और पढ़ें

HighLights
- कलेक्टर की अनुशंसा के बाद ईडी ने जांच के लिए मंजूरी दी
- जांच में 28 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई
- सहकारी समिति के बोगस खाते से 19.22 करोड़ की हेराफेरी
राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर। सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर के जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले की जांच की कमान अपने हाथों में ले ली है।
सूत्रों के अनुसार, अंबिकापुर से घोटाले से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें रायपुर स्थित ईडी के जोनल कार्यालय भेज दी गई हैं।
ईडी ने जांच के लिए मंजूरी दी
राज्य शासन के पत्र और तत्कालीन कलेक्टर की अनुशंसा के बाद ईडी ने जांच के लिए मंजूरी दी है। फर्जी खातों से किसानों के हक पर डाका यह घोटाला करीब एक साल पहले तब उजागर हुआ था, जब तत्कालीन कलेक्टर विलास भोस्कर ने बैंक की शंकरगढ़ और कुसमी शाखाओं की जांच करवाई थी।
जांच में 28 करोड़ की वित्तीय अनियमितता
जांच में 28 करोड़ रुपये की भारी वित्तीय अनियमितता पाई गई। मुख्य आरोपी बैंक मैनेजर अशोक कुमार सोनी ने 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान बिना दस्तावेजों के फर्जी खाते खोले और उनमें किसानों व पंचायतों की राशि ट्रांसफर कर निकाल ली।
बोगस खाते से 19.22 करोड़ की हेराफेरी
अकेले जमड़ी सहकारी समिति के बोगस खाते से 19.22 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। मनी लाड्रिंग पर टिकी नजर ईडी अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की पड़ताल करेगी। बैंक के सीईओ श्रीकांत चंद्राकर ने जांच रिपोर्ट ईडी को सौंपने की पुष्टि की है।
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