प्रदेश की राजधानी में मेडिकल माल (हेल्थ माल) की फ्रेंचाइजी दिलाने और मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 33 लाख 20 हजार रुपये की ठग लिए गए। …और पढ़ें

HighLights
- मोटा मुनाफा और 12% लाभांश का लालच पड़ा भारी
- राजधानी के कारोबारी से 33 लाख की हुई धोखाधड़ी
- उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा में भी सक्रिय है गिरोह
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में मेडिकल माल (हेल्थ माल) की फ्रेंचाइजी दिलाने और मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 33 लाख 20 हजार रुपये की ठग लिए गए। मौदहापारा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमनदीप पाल, प्रसून पाल, उत्कर्ष कश्यप समेत अन्य साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश की धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आरोपितों के खिलाफ छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। आरोपित अलग-अलग नामों से कंपनियां संचालित कर लोगों को फ्रेंचाइजी और निवेश के नाम पर ठगते रहे हैं।
इंटरनेट मीडिया से संपर्क, फिर बड़े मुनाफे का लालच
पुलिस के अनुसार बंजारी रोड निवासी प्रतीक साहू से आरोपितों ने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया। खुद को टास्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का संचालक बताते हुए मेडिकल स्टोर, ओपीडी और हेल्थ माल खोलने का प्रस्ताव दिया। आरोपितों ने दावा किया कि निवेश करने पर हर महीने दो से सात लाख रुपये तक की कमाई होगी और कुल बिक्री पर 12 प्रतिशत लाभांश भी दिया जाएगा। साथ ही 18 महीने में पूरी निवेश राशि वापस करने का आश्वासन दिया गया।
33.20 लाख रुपये निवेश, 14 ट्रांजेक्शन में दी रकम
प्रार्थी आरोपितों के झांसे में आ गया और अलग-अलग 14 ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 33.20 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा कर दिए। इसके लिए उसने मौदहापारा क्षेत्र में दुकान किराए पर लेकर आरोपितों को उपलब्ध कराई, जहां हेल्थ माल संचालित करने की बात कही गई थी।
शिकायत में बताया गया है कि आरोपितों ने शुरुआत में कुछ समय तक दुकान संचालन का दिखावा किया। फरवरी 2023 से माल शुरू भी किया गया, लेकिन समय के साथ स्टाफ को वेतन देना बंद कर दिया गया। दवाइयों और अन्य उत्पादों की सप्लाई भी रोक दी गई। जुलाई 2025 के बाद आरोपितों ने फोन उठाना बंद कर दिया और पूरी तरह संपर्क से बाहर हो गए। अंततः नवंबर 2025 में माल बंद हो गया।
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