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सरगुजा में सरगुजिहा बोलने वाले बच्चे को प्री-प्राइमरी स्कूल स्वरंग किड्स एकेडमी द्वारा एडमिशन नहीं देने पर डीईओ ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस थमाया है। कलेक्टर ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। AICC सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव की पहल पर बचपन प्ले स्कूल ने बच्चे को फ्री एडमिशन दिया है। दरअसल, चोपड़ापारा स्थित स्वरंग किड्स एकेडमी ने 4 साल के बच्चे सत्यम यादव को सरगुजिहा बोली पर बात करने के कारण एडमिशन देने से इनकार कर दिया था। मामले की शिकायत एनएसयूआई ने सरगुजा कलेक्टर से की तो कलेक्टर अजीत वसंत ने तत्काल एक्शन लेते हुए डीईओ सरगुजा को जांच का निर्देश दिया। सरगुजा डीईओ दिनेश झा ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए मान्यता के दस्तावेजों सहित कार्यालय में तलब भी किया। बचपन प्ले स्कूल ने दिया फ्री एडमिशन
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि बच्चे को दाखिला न देना अनुचित है और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 का उलंघन है। मामले में एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव ने पहल की तो बचपन प्ले स्कूल ने बच्चे को फ्री एडमिशन दे दिया।
स्कूल के संचालक प्रतीक दीक्षित ने कहा कि शिक्षा सहित अन्य सेवाओं में भाषाई आधार पर भेदभाव अनुचित है। वे बच्चे को फ्री एडमिशन दे रहे हैं। पहले देखिए ये तस्वीरें… बचपन प्ले स्कूल ने दिया फ्री एडमिशन
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि बच्चे को दाखिला न देना अनुचित है और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 का उलंघन है। मामले में एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव ने पहल की तो बचपन प्ले स्कूल ने बच्चे को फ्री एडमिशन दे दिया। स्कूल के संचालक प्रतीक दीक्षित ने कहा कि शिक्षा सहित अन्य सेवाओं में भाषाई आधार पर भेदभाव अनुचित है। वे बच्चे को फ्री एडमिशन दे रहे हैं।
स्कूल को नोटिस, डीईओ ने मंगाए दस्तावेज
बच्चे के पिता राजकुमार यादव ने आरोप लगाया था कि स्कूल के प्राचार्य और टीचर्स ने यह कहकर एडमिशन देने से इनकार कर दिया कि बच्चा सिर्फ सरगुजिहा बोलता है। यहां बड़े घरों के बच्चे पढ़ते हैं जो हिंदी में बात करते हैं और आपके बच्चे से वे सरगुजिहा सीख जाएंगे। मामले में सरगुजा DEO दिनेश झा ने स्वरंग किड्स एकेडमी के प्रबंधक को नोटिस भेजकर कहा है कि आपका यह कृत्य नवीन शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों का उलंघन है। क्यों न आपकी संस्था को स्थाई रूप से बंद कर दिया जाए। DEO ने स्कूल प्रबंधन को मान्यता के दस्तावेजों सहित कार्यालय में तलब किया है। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने भाषाई आधार पर एडमिशन नहीं देने के आरोपों को खारिज किया है। प्रिंसिपल ने नेहा सिंह ने कहा कि डेमो क्लास में बच्चा टीचर्स की बात नहीं समझ पा रहा था, और टीचर अपनी बात नहीं समझा पा रहे थे। ऐसे में बच्चे के भविष्य को देखते हुए एडमिशन से मना किया गया है।
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