भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में भ्रष्टाचार और सरकारी कामों में लापरवाही पर कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कार्रवाई की है। जनपद पंचायत जैजैपुर के ग्राम पंचायत पिसौद में जिला खनिज न्यास संस्थान मद से स्वीकृत सीसी रोड में अनियमितता और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में पंचायत सचिव लीला कमलेश को निलंबित कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई जिला पंचायत सीईओ वासु जैन के औचक निरीक्षण के बाद शुरू हुई। 10 अप्रैल को उन्होंने कार्यस्थल का मुआयना किया, तो पाया कि सीसी रोड का निर्माण बेहद घटिया स्तर का है। सड़क बनने के कुछ समय बाद ही उखड़ने और क्षतिग्रस्त होने लगी थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि सचिव की ओर से तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह उल्लंघन किया गया है। जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू गुणवत्ता प्रमाण पत्र रहा। गुण नियंत्रण उप इकाई, केंद्रीय प्रयोगशाला सक्ती के नाम पर 6 नवंबर 2025 को जारी किया गया गुणवत्ता प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। सचिव ने इसी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर काम को सही बताकर सरकारी राशि का आहरण करने का प्रयास किया। जांच दल ने पाया कि तकनीकी मापदंडों की अनदेखी कर सरकारी राशि के दुरुपयोग की स्पष्ट मंशा दिखाई दे रही थी। सचिव का तर्क: ट्रैक्टरों के चलने से दबाव में टूटी सड़क निलंबन से पहले सचिव लीला कमलेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 13 अप्रैल को दिए जवाब में सचिव ने तर्क दिया कि वे नियमित निरीक्षण करती थीं। उन्होंने सड़क टूटने का कारण रेत ढोने वाले ट्रैक्टरों का आवागमन बताया और दावा किया कि एसडीओ के मार्गदर्शन में मरम्मत कराने के बाद 20 प्रतिशत राशि का भुगतान लिया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी वासु जैन ने सचिव के कृत्य को सरकारी काम में लापरवाही, घोर अनुशासनहीनता और आदेशों की अवहेलना माना।
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