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रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि और बढ़ती महंगाई को लेकर आज जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। खाड़ी में युद्ध प्रारंभ होने के उपरांत से केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि के साथ ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 1400 रुपये की वृद्धि की जा चुकी है। कमर्शियल गैस पर आश्रित व्यवसायीयों के व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ा है। गैस की अनुपलब्धता के कारण कई लोगों के व्यवसाय बंद हो गये हैं। खाने पीने की चीजों की कीमतों में भी इजाफा हो रहा है। गांधी चौक में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि मोदी सरकार की अमेरिका परस्त अदूरदर्शिता पूर्ण नीति के कारण भारत ने अपने उन भरोसेमंद साझेदारों को खो दिया है, जिनसे हमें सस्ता तेल और गैस भरपूर मात्रा में प्राप्त होता था। पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमत के लिए खाड़ी में चल रहे युद्ध के बजाय सरकार की सरेंडर नीति जिम्मेदार है। आज देश और देश की जनता पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत और महंगाई से जूझना पड़ रहा है। वक्ताओं ने कहा-मोदी सरकार की नीतियां जिम्मेदार
सभा को संबोधित करते हुए निगम में नेता प्रतिपक्ष शफ़ी अहमद ने कहा कि 70 साल तक काम नहीं होने की बात करने वालों ने 11 साल में ऐसा काम किया कि 70 साल में रुपए में जितनी गिरावट नहीं आई उससे ज्यादा पिछले 11 साल में आ गई है। सरकार देश की जनता को साम्प्रदायिकता में झोंक कर देश को अडानी अम्बानी को सौंपने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि, युद्ध के पहले ही रुपये में ऐतिहासिक गिरावट आ गई थी। युद्ध में रही सही कसर भी पूरी हो गई। पूंजीपतियों के हित को ध्यान रखने वाली इस सरकार ने जानबूझकर ऐसी नीतियों को अपनाया जिससे गरीबों की समस्या बढ़ी और अमीरों की सम्प्पन्नता बढ़ी। पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि कई कृषि उपकरण जैसे मंचिग बॉक्स, ड्रिप सिस्टम, पाइप आदि का इनपुट कास्ट दुगना हो गया है। सप्लाई में कमी के कारण खरीफ सीजन के पहले खादों का अग्रिम उठाव नहीं हो पाया है। इससे खाद्यान्न उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है और अनाजों के कीमत में आग लगने की संभावना है। प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया और गैस की बढ़ी कीमतें वापस लेने की मांग की गई। धरना प्रदर्शन में अजय अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष जे पी श्रीवास्तव, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, विनय शर्मा, मो इस्लाम, नुरुल अमीन सिद्दीकी, राजीव सिंह, इरफान सिद्दकी, प्रशांत सिंह, दुर्गेश गुप्ता, संध्या रवानी, सीमा सोनी, अनिमा केरकेट्टा, सरोज साहू, जमील खान, आलोक सिंह, सतीश बारी, दीपक मिश्रा, हिमांशु जायसवाल, परवेज आलम गांधी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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