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जांजगीर-चांपा के विधायक ब्यास कश्यप ने राज्य सरकार, प्रभारी मंत्री और जिला प्रशासन पर उपेक्षा (नजरअंदाज) का आरोप लगाते हुए एक दिवसीय सत्याग्रह शुरू किया है। जिला प्रशासन ने उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात किया था, जिसे तोड़कर विधायक अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में अकलतरा और जैजैपुर के विधायक भी सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे। विधायक ब्यास कश्यप ने छत्तीसगढ़ सरकार, जिले के प्रभारी मंत्री, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और जिला प्रशासन पर विधायकों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने घोषणा की कि वे एक दिवसीय सत्याग्रह के दौरान अन्न-जल त्यागकर चिलचिलाती धूप में बैठे रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक छाता लेकर उन्हें छाया देंगे, लेकिन वे स्वयं तब तक अनशन पर रहेंगे जब तक उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता। भाजपा और कांग्रेस के विधायक करेंगे आंदोलन सत्याग्रह का समर्थन करने पहुंचे अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार की ओर से विधायकों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस उपेक्षा की शिकायत सदन में भी उठाई गई थी, लेकिन विधायकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो अकलतरा और पूरे प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के विधायक आंदोलन करेंगे। काला झंडा दिखाकर किया जाएगा प्रदर्शन कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप चिलचिलाती धूप में कलेक्टर गेट के सामने सत्याग्रह कर रहे हैं, जबकि उनके समर्थक काले छाते लेकर उन्हें समर्थन दे रहे हैं। मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विधायक कश्यप ने चेतावनी दी है कि यदि आज उनकी मांगों पर कोई पहल नहीं की गई, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन और काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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