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राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण सरगुजा संभाग में गर्मी का प्रकोप दिखने लगा है। सरगुजा संभाग में पश्चिमी विक्षोभ के कारण सोमवार शाम से बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चलने के साथ छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई, इसके बावजूद अधिकतम तापमान 40 डिग्री से उपर बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने लू की संभावित स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। उत्तर छत्तीसगढ़ में पांच दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान पर पश्चिमी विक्षोभ के असर से रोक लगी है। रविवार को अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री पहुंच गया था। वहीं सोमवार से पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने लगे और अधिकतम तापमान करीब 1 डिग्री गिरकर 40.1 डिग्री दर्ज किया गया। शाम को तेज हवाएं चलने के साथ कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। तीन दिनों बाद फिर से बढ़ेगा तापमान
मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण बादल छाए हुए हैं। इसके कारण कुछ हद तक गर्म हवाओं का प्रवेश कम हुआ है और तीखी धूप से कुछ राहत मिली है। आगामी तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापामन 40 से 41 डिग्री रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही फिर से अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को लू से बचने के लिए अलर्ट जारी किया है। सीएमएसओ सरगुजा डा. पीएस मार्को ने अपील की है कि लोग अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से दोपहर 12ः00 बजे से 3ः00 बजे के बीच अत्यधिक आवश्यकता न होने पर घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर ही निकलें।
सीएमएचओ ने कहा है कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।
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