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खरमास खत्म होने के साथ ही शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। शुभ मुहूर्त होने की वजह से अभी लगातार शादियां हो रही हैं। लेकिन सिलेंडरों की कमी ने शादी में विघ्न डाल रहा है। शादी वाला घर हो या कैटरर्स की बुकिंग कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से सभी प
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- सिलेंडर के लिए रोज 8 आवेदन आ रहे, ताकि भोज में दिक्कत न हो
यही कारण है कि शादी का पहला कार्ड भगवान के चरणों में अर्पित करने के बाद दूसरा कार्ड सिलेंडर के लिए आवेदन के साथ कलेक्टोरेट के खाद्य विभाग में पहुंच रहा है। यहां रोजाना चार से पांच आवेदन शादी के कार्ड के साथ पहुंच रहे हैं। अब तक 40 से अधिक ऐसे कार्ड पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सामूहिक भोज, भंडारा और लंगर वाले भी सिलेंडरों की मांग कर रहे हैं।
आवेदन करने वाले कार्यक्रमों के अनुसार 5 से 10 कमर्शियल सिलेंडरों की मांग कर रहे हैं। अभी तक 44 से ज्यादा आवेदन जमा हो चुके हैं। खाद्य विभाग वाले इन आवेदनों को गैस कंपनियों तक पहुंचा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार अभी तक आवेदनकर्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। कंपनी वालों का कहना है कि सप्लाई अभी सामान्य नहीं है। इस वजह से एक आवेदन पर 2 से ज्यादा सिलेंडर नहीं दे सकते हैं। सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से अधिकतर लोग ब्लैक में एक कमर्शियल सिलेंडर 4000 रुपए तक खरीदने में मजबूर हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि शादी में लाखों खर्च कर रहे हैं तो सिलेंडर के लिए नहीं रुक सकते। कार्यक्रम की तारीख आगे नहीं बढ़ सकती इसलिए ज्यादा कीमत में सिलेंडर खरीद रहे हैं।
- इस महीने लगातार शादी के मुहूर्त, सिलेंडर नहीं मिलने से मेन्यू छोटा: राजधानी में 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया (आखातीज) पर बिना मुहूर्त के भी बड़ी संख्या में शादियां होंगी। इस वजह से सिलेंडरों की मांग और बढ़ गई है। इसके अलावा 21, 26 से 29 अप्रैल तक भी शादी के मुहूर्त हैं। मई में भी विवाह जारी रहेंगे। ऐसे में जब तक सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य नहीं हो जाती लोगों की परेशानी कम नहीं होगी। इधर दूसरी ओर विवाह समारोह में केटरिंग करने वालों ने थाली के दाम 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। मेन्यू भी छोटा होता जा रहा है।
- भोपाल में शादी का कार्ड दिखाने पर एजेंसी वाले दे रहे दो सिलेंडर: शादी वाले घर में लोगों को परेशानी न हो इसलिए भोपाल में शादी का कार्ड दिखाने पर 2 कमर्शियल सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इसके लिए लोगों से आवेदन, शादी के कार्ड के साथ अमानत के तौर पर 4400 रुपए डिपॉजिट और रिफिलिंग शुल्क करीब 3700 रुपए लिए जा रहे हैं। इसके बाद गैस एजेंसी से ही दो व्यावसायिक सिलेंडर दे दिए जाते हैं। सिलेंडर वापस करने पर डिपॉजिट की गई रकम 4400 रुपए वापस कर दिए जाते हैं। लेकिन रायपुर समेत राज्यभर में इस तरह की कोई सुविधा नहीं दी गई है।
शादियों के साथ ही कई तरह के सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने रोजाना आवेदन मिल रहे हैं। गैस कंपनियों के पास आवेदन भेजकर कहा गया है कि जरूरत के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए। –भूपेंद्र मिश्रा, जिला खाद्य नियंत्रक
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